प्रधानमंत्री आवास तोड़ने के विरोध में रविदास समाज का प्रदर्शन, कवर्धा में प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
निजी जमीन में बन रहे मकान को सरकारी जमीन बताकर बुलडोजर चलाने का आरोप लगा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 4, 2025 at 9:28 PM IST
कवर्धा: जिले के ग्राम रक्से में 2 अनुसूचित जनजाति परिवार के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास को अवैध बताकर प्रशासन द्वारा छोड़ने के विरोध में प्रदर्शन किया गया. गुरुवार को छत्तीसगढ़ रविदास समाज कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया. आवास दोबारा बनाकर देने और संबंधित अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई.
पुलिस वालों पर भी आरोप: आरोप है कि, घर तोड़ने की घटना में पीड़ित पक्ष से पुलिस कर्मियों ने भी मारपीट की है. समाज की मांग है कि, पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो. मांग पूरी नहीं होने पर समाज प्रदेशस्तरीय आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
क्या है मामला: दरअसल मामला कबीरधाम जिले के लोहारा ब्लॉग अंतर्गत ग्राम रक्से का है. जहां 20 अगस्त 2025 को गांव के 2 परिवार के बन रहें प्रधानमंत्री निर्माणाधीन आवास की जमीन को शासकीय बता दिया गया. मकान पर बुलडोजर चलाकर धराशाई कर दिया. इसके विरोध में रविदास समाज आक्रोशित है और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की बात कह रहा है.
समाज ने किया विरोध: प्रदेशभर के समाजिक अध्यक्ष और बड़ी संख्या में समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. अधिकारी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर मकान फिर से बनाने की मांग की.

पीड़ित महिला का क्या कहना है: महिला ने गांव के कुछ अन्य समाज के दबंगों पर आरोप लगाया. कहा कि, पंचायत चुनाव के दौरान उन्हें समर्थन नहीं देने पर दबंगों ने उनसे दुश्मनी ठान ली. फिर निजी जमीन को सरकारी बताकर उनके निर्माणधीन प्रधानमंत्री आवास पर बुलडोजर चलवा दिया.
बदसलूकी का आरोप: विरोध करने पर जातिसूचक गालीगलौज और मारपीट कर मोबाइल भी छीनने की बात पीड़ित पक्ष की महिला कर रही है. मकान टूट जाने के बाद अब उनके पास सिर छिपाने की जगह तक नहीं है. छोटे-छोटे बच्चे को लेकर बारिश में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.

पीड़ित का कहना है कि, सरकार हमें हमारा मकान लौटाकर न्याय दे और तानाशाही करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कारवाई करें. वही, अधिकारी का कहना है की मामला अभी उनके संज्ञान में आया है. कलेक्टर साहब से चर्चा कर मामले की जांच की जाएगी.

