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बेजुबान जानवरों का मसीहा बना रतलाम का ये ग्रुप, अस्पताल खोल फ्री में कर रहा इलाज

रतलाम के जीव मैत्री परिवार का बेजुबान जानवरों के लिए अनूठा प्यार, घायल डॉग और गौवंशों का रेस्क्यू कर आश्रय स्थल में करता है उपचार.

RATLAM ANIMAL LOVER GROUP
बेजुबान जानवरों का मसीहा बना जीव मैत्री परिवार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : September 10, 2025 at 8:03 PM IST

3 Min Read
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रतलाम: मानव सेवा तो हर कोई करता है, लेकिन ऐसे बहुत कम लोग होते हैं, जो बेजुबान जानवरों की सेवा करते हैं. आज हम आपको रतलाम के कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताने वाले हैं, जो पशु प्रेमी होने के साथ-साथ नेक दिल इंसान हैं. ये लोग सड़कों पर आवारा घूमने वाले बेजुबान जानवरों से प्यार करने के साथ उनकी देखभाल भी करते हैं. शहर में घायल पड़े बेजुबानों का रेस्क्यू कर आश्रय स्थल में ला कर उपचार करते हैं. इस कार्य को बखूबी निभा रहा है रतलाम का जीव मैत्री परिवार.

950 घायल कुत्तों का कर चुके हैं इलाज

इस परिवार के सदस्य स्ट्रीट डॉग और लावारिस गोवंश को बीमार या घायल होने पर रेस्क्यू करते हैं. इसके बाद उन्हें आश्रय स्थल में ले जाकर उपचार करते हैं, जब उनकी हालत में सुधार हो जाता है, तो वापस उनके स्थान पर छोड़ देते हैं. इन पशु प्रेमियों की टीम अब तक 950 कुत्तों और गोवंश का उपचार कर चुकी है. वर्तमान में भी 50 से अधिक कुत्तों और गोवंश का उपचार आश्रय स्थल में जारी है.

अस्पताल खोल फ्री में कर रहे बेजुबान जानवरों का इलाज (ETV Bharat)

7 वर्षों से जारी है पशु पक्षी सेवा का कार्य

जीव मैत्री परिवार से जुड़े पंकज मेहता ने बताया कि "शुरुआत गोवंश और स्ट्रीट डॉग को खाना खिलाने की पहल से हुई थी. इसके बाद सड़क पर घायल और बीमार मिलने वाले पशु पक्षियों के उपचार कराने की व्यवस्था शुरू की, लेकिन जानवरों के लिए कोई आश्रय स्थल नहीं होने से उपचार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. इसलिए हम लोगों ने एक पशु आश्रय स्थल खोलने की योजना बनाई. इस प्लान को साकार करने में बांगरोद गांव स्थित श्री राम गौशाला समिति के पदाधिकारियों ने काफी मदद की.

street dog  rescue Ratlam
घायल डॉग को रेस्क्यू कर करते हैं उपचार (ETV Bharat)

गौवंशों का भी किया जाता है उपचार

उन्होंने पशु पक्षियों के उपचार के लिए आश्रय स्थल और अस्पताल के लिए जगह आदि की व्यवस्था करवाई. यहां अब नेमिनाथ सेवा ट्रस्ट वेटरनरी आश्रय स्थल में करीब 100 से अधिक पशुओं का अस्पताल संचालित किया जा रहा है." बांगरोद गौशाला समिति के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया कि बेजुबान जानवरों को आश्रय देने और उपचार करने के साथ ही. यहां गांव में स्थित गौशाला के लिए भी पशु चिकित्सक की व्यवस्था जीव मैत्री परिवार के सदस्यों द्वारा की गई है."

VETERINARY HOSPITAL Ratlam
घायल डॉग को प्यार करते पशु प्रेमी (ETV Bharat)

घायल पशुओं का रेस्क्यू कर करते हैं इलाज

पशु प्रेमियों की यह टीम सूचना मिलने पर शहर के किसी भी क्षेत्र में जाकर घायल पशु पक्षी का रेस्क्यू कर आश्रय स्थल पर पहुंचाती है. यहां उनका उपचार किया जाता है. बहरहाल गंभीर रूप से बीमार बेजुबान कुत्तों की ही नहीं बंदर, बिल्ली, गिलहरी, कबूतर और अन्य पक्षियों का रेस्क्यू कर उपचार करवाने का कार्य भी यह संस्था कर रही है.