रैपिडो कैप्टन बनेंगे जीवन रक्षक, योगी सरकार देगी CPR और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग, आपातकाल में बचाएंगे दूसरे की जिंदगी
27 मई को 1200 से अधिक रैपिडो कैप्टन प्रशिक्षण के बाद बनेंगे जीवनरक्षक, आपातकालीन समय में देंगे अपनी सेवाएं

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 26, 2025 at 7:50 PM IST
|Updated : May 26, 2025 at 8:20 PM IST
लखनऊ: यूपी की योगी सरकार की ओर से पुलिसकर्मियों, स्कूलों को बाद अब रैपिडो बाइक टैक्सी कैप्टन को भी 27 मई को विश्व इमरजेंसी मेडिसिन दिवस के अवसर पर सीपीआर और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग देने जा रही है. ये प्रशिक्षण लखनऊ में शहीद पथ स्थित मेदांता हॉस्पिटल में दिया जाएगा. इसमें देश के 16 राज्यों के डाॅक्टर्स और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे. इस दौरान 1200 से अधिक रैपिडो कैप्टन प्रशिक्षण के बाद जीवनरक्षक बनेंगे, जो आपातकालीन समय में अपनी सेवाएं देंगे.
जीवनरक्षक बनेंगे सड़क के सिपाही
सोसाइटी ऑफ एक्यूट केयर, ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन (सेक्टम) के फाउंडर डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने बताया कि सोसाइटी ऑफ एक्यूट केयर, ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन और मोबिलिटी सेवा प्रदाता रैपिडो मिलकर देशव्यापी और प्रदेशव्यापी सीपीआर और फर्स्ट एड प्रशिक्षण अभियान का आयोजन कर रहे हैं. ये कार्यक्रम न सिर्फ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि ‘हर नागरिक एक रक्षक’ की भावना को भी सशक्त बनाएगा.
इस अभियान में देश के 16 प्रमुख शहरों के डॉक्टर्स और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे. इसमें 1200 से अधिक रैपिडाे बाइक टैक्सी कैप्टन को एक ही दिन में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा. ये कैप्टन हमारी सड़कों पर हर रोज हजारों यात्रियों के संपर्क में रहते हैं और अब उन्हें आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने का कौशल भी मिलेगा.
एक मिशन, एक दिन और एक राष्ट्र की परिकल्पना पर प्रशिक्षण अभियान
यूपी की सड़कों पर मौजूद ये कैप्टन सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले व्यक्ति हो सकते हैं. अगर उन्हें समय पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाए तो वे अनगिनत जिंदगियां बचा सकते हैं. बता दें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार भारत में हर साल 1.5 लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं. यानी औसतन हर दिन 400 से अधिक मौतें, जिनमें से अधिकांश केवल इस कारण होती हैं कि मौके पर तुरंत प्राथमिक सहायता नहीं मिल पाती. प्रशिक्षण अभियान एक मिशन, एक दिन और एक राष्ट्र की परिकल्पना पर आयोजित किया जा रहा है.
आखिर क्यूं जरूरी है सीपीआर
सीपीआर एक ऐसी तकनीक है जो किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन या सांस रुकने की स्थिति में दी जाती है और इससे तुरंत ऑक्सीजन की आपूर्ति मस्तिष्क तक बनी रहती है. अगर तीन से पांच मिनट के भीतर सीपीआर दिया जाए तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती है. इस प्रशिक्षण से रैपिडो कैप्टन सड़कों पर एक चलती-फिरती सुरक्षा इकाई बन जाएंगे.
प्रशिक्षण में इसकी दी जाएगी ट्रेनिंग
- CPR कैसे देना है
- ब्लीडिंग कंट्रोल (खून बहना रोकना)
- बेसिक फर्स्ट एंड किट का उपयोग
- आपातकालीन नंबरों और प्रोसेस की समझ
- यातायात सुरक्षा उपाय
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