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रामपुर तिराहा कांड मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई, जानिये क्या रहा खास

रामपुर तिराहा कांड मामले को लेकर आज नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई

RAMPUR TIRAHA INCIDENT CASE
रामपुर तिराहा कांड मामला (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 4, 2025 at 4:23 PM IST

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नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के चर्चित रामपुर तिराहा कांड के मामले पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है. मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की है.

आज हुई सुनवाई पर कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा जो छः मामले दर्ज हुए थे वे किस कोर्ट में चल रहे हैं. उनकी क्या स्थिति है? जिस पर याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि जब से मुकदमे दर्ज हुए उन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है. 30 साल बीत गए. उनकी क्या स्थिति है कोई पता नहीं है. छः मुकदमे जिला जज ने उच्च न्यायलय के रजिस्ट्रार जनरल के एक पत्र पर मुज्जफरनगर कोर्ट में सुनवाई के लिए भेज दिये हैं. तब से इनमें कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है. इसलिए इनमें शीघ्र सुनवाई के लिए निर्देश दिए जाएं.

राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता रमन शाह ने बताया इस मामले में सात महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ था, जबकि 17 अन्य को प्रताड़ित किया गया था. मामले में मुखय आरोपी मुजफरनगर के तत्कालीन जिलाधिकारी अनंत कुमार सिंह तथा सात अन्य आरोपितों के मामले सीबीआई की ओर से मुजफरनगर कोर्ट को स्थानांतरित कर दिए गए थे. इनकी सुनवाई अभी तक लंबित है.

राज्य आंदोलनकारियों की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर मामला नैनीताल हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया था. मामले के अनुसार 2 अकटूबर 1994 को पृथक राज्य की मांग को लेकर प्रदर्शन के लिए दिल्ली को जा रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में पुलिस की ओर से भारी अत्याचार किए गए. इस दौरान महिला आंदोलनकारियों के साथ दुष्कर्म किया गया. सात आंदोलनकारियों की मृत्यु हो गई.

कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. अनंत कुमार पर राज्यपाल की ओर से मुकदमे की अनुमति न मिलने से उन्हें छूट मिल गई. सीबीआई ने मुकदमों में हत्या, घातक हथियार व फायरिंग से गंभीर चोट पहुंचाने आदि धाराओं में मामले दर्ज किए. इस मामले में सुनवाई विभिन्न कारणों से लंबित ही रही.

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