अलवर में खुला प्रदेश का पहला वेपन म्यूजियम, इसमें प्रदर्शित हैं राजशाही जमाने के हथियार
अलवर के बालाकिला में राजस्थान का पहला शस्त्र संग्रहालय शुरू किया गया है. केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इसका उद्घाटन किया.

Published : April 5, 2025 at 8:33 PM IST
अलवर: शहरवासियों को शनिवार को एक और सौगात वेपन म्यूजियम के रूप में मिली. यह म्यूजियम अरावली की वादियों में बने बाला किला में स्थापित हुआ है. यह प्रदेश का पहला शस्त्र संग्रहालय है. इसमें राजशाही जमाने के हथियार रखे गए हैं. अलवर सांसद एवं केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इसका उद्घाटन किया. इस मौके पर प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा भी मौजूद रहे. वेपन म्यूजियम गत वर्ष अप्रेल में ही बनकर तैयार हो गया था, लेकिन उद्घाटन के इंतजार में पर्यटकों के लिए खुल नहीं पाया था, हालांकि बाला किला आने वाले पर्यटक इसे अनौपचारिक रूप से देख पा रहे थे. अब यह पर्यटकों के लिए विधिवत रूप से खुल गया है.
उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि बाला किला अलवर की ऐतिहासिक धरोहर है. इसे बेहतरीन पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा. केन्द्रीय मंत्री ने इससे पहले प्रतापबंध वन चौकी से बाला किला तक नवनिर्मित सड़क का भी उद्घाटन किया. बाद में उन्होंने बाला किला क्षेत्र स्थित प्राचीन करणीमाता मंदिर एवं प्राचीन चक्रधारी हनुमान मंदिर पहुंचकर दर्शन किए.
केंद्रीय मंत्री ने म्यूजियम का किया अवलोकन: केंद्रीय मंत्री यादव एवं प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने उद्घाटन के बाद प्रदेश के पहले वेपन म्यूजियम का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित राजशाही जमाने के हथियारों के बारे में जानकारी ली. इस म्यूजियम में टोपीदार बंदूक, केमल गन, भारी वजनी बंदूकें व तुर्किश मशीनगन सहित अनेक दुलर्भ राजशाही जमाने के हथियार प्रदर्शित किए गए हैं.
म्यूजियम पर खर्च हुए 40 लाख रुपए: यह म्यूजियम बाला किला में है, जोकि सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आता है. नगर विकास न्यास की ओर से इस म्यूजियम को बनाने में करीब 40 लाख रुपए खर्च किए गए हैं. वेपन म्यूजियम में सागवान की लकड़ी से हथियारों को रखने के लिए बॉक्स बनाए गए हैं. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए किले पर विशेष लाइट लगाई गई है.

