स्कूलों में बड़ा बदलाव: कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों को इसी सत्र में पढ़ाया जाएगा नया सिलेबस
राजस्थान में कक्षा 1 से 12 तक नया सिलेबस तैयार हो रहा है,जो NEP 2020 व NCF 2023 के अनुसार चरणबद्ध रूप से लागू होगा.

Published : April 28, 2025 at 10:01 AM IST
जयपुर. प्रदेश के स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए नया सिलेबस तैयार किया जा रहा है. इसमें कक्षा एक से 5वीं के लिए आरएससीईआरटी उदयपुर की ओर से कोर्स तैयार किया जा रहा है. जो इसी सत्र में लागू होना है. जबकि कक्षा छठी से 9वीं और 11वीं का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एनसीईआरटी और एनसीएफ 2023 की गाइड के अनुसार तैयार किया जाएगा. जो अगले सत्र 2026-27 में लागू होगा. वहीं कक्षा 10वीं और 12वीं का नया सिलेबस भी तैयार होना है. जो सत्र 2027-28 में लागू होगा. इसके लिए एक्शन प्लान तैयार कर शासन को पेश करने के निर्देश दिए गए हैं.
राज्य सरकार के निर्देश पर गुणवत्तापूर्ण और सटीक जानकारी स्कूलों के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाने के लिए नए सिलेबस पर काम किया जा रहा है. इसे लेकर 15 मई से 31 अक्टूबर के बीच पूरा एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रारंभिक शिक्षा योजना विभाग की संयुक्त शासन सचिव मुन्नी मीना ने इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी) को निर्देश जारी किए हैं. खास बात ये है कि कक्षा 1 से 5वीं तक के लिए तो नया पाठ्यक्रम इसी सत्र में शुरू होना है. जबकि कक्षा छठी से 9वीं और 11वीं का नया सिलेबस अगले सत्र में लागू होगा. वहीं कक्षा 10वीं और 12वीं का नया सिलेबस 2027-28 में लागू होना है. लेकिन सिलेबस के बदलाव की धीमी रफ्तार की वजह से नए सत्र में संशोधित सिलेबस के अनुरूप पढ़ाई और किताबें उपलब्ध होने पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

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स्कूलों में पंजीकृत छात्रों की संख्या :
- कुल पंजीकृत छात्र - एक करोड़ 96 लाख
- सरकारी स्कूलों में पंजीकृत छात्र - 99.94 लाख
- प्राइवेट स्कूलों में पंजीकृत छात्र - 90 लाख
- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में पंजीकृत छात्र - 20 लाख
बता दें कि सिलेबस में बदलाव को लेकर सरकार ने राज्य स्तरीय पाठ्यक्रम समिति भी गठित की हुई है. जिसके अध्यक्ष वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी है. इसमें शिक्षा विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण महकमों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. नए सिलेबस के लिए कमेटी की ओर से लेखकों की सूची भी बनाई गई है. हालांकि फिलहाल इस पर 20 फीसदी काम ही हो पाया है.

