तनिष्क लूटकांड का पटना कनेक्शन, पहले बनाया फर्जी आधार कार्ड, फिर लूट के लिए निकल पड़ा - Purnea gold robbery
Purnea Robbery Case: पूर्णिया ज्वेलरी शॉप लूटकांड में पटना से दो अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार दोनों ने लूटकांड में शामिल चार अपराधियों का फर्जी आधार कार्ड पटना में बनाया था. पुलिस दोनों अपराधियों से पूछताछ कर ही है. पढ़ें पूरी खबर.

Published : August 2, 2024 at 7:51 PM IST
|Updated : August 2, 2024 at 9:04 PM IST
पटना: बिहार के पूर्णिया तनिष्क शोरूम लूटकांड में पटना के शास्त्री नगर थाने की पुलिस ने दो अपराधी को गिरफ्तारी किया है. पटना पुलिस ने एसटीएफ की निशानदेही पर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले स्टूडियो संचालक आयुष कुमार वर्मा और नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया है.
फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले दो गिरफ्तार: सिटी एसपी चंद्र प्रकाश ने साफ तौर से बताया कि गिरफ्तार नवनीत कुमार हाथीदह पटना और आयुष कुमार दीघा पटना के रहने वाला है. उन्होंने बताया कि नवनीत ने ही बेऊर जेल में बंद कुख्यात शिवम से फर्जी आधार कार्ड बनवाने का जिम्मा जेल से ही लिया था. शिवम ने नवनीत को टेंडर सौंपा और शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में स्थित लगन स्टूडियों में 4 अपराधियों का फर्जी आधार कार्ड एडिट कर के बनवाया था.

लूट में शामिल को दिया था शरण: अपराधी नवनीत उर्फ फागो सिंह सोना लूट गिरोह के सदस्यों एवं अन्य अपराधियों का फर्जी आधार कार्ड बनवाने का काम करता था.अपराधी आयुष कुमार पटना जिले के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी मोहल्ला में लगन स्टूडियो दुकान की आड़ में फर्जी आधार कार्ड बनाने का कारोबार करता था. साथ ही गिरोह के सदस्यों को शरण देने के साथ-साथ जेल में बंद गिरोह के सदस्यों को आवश्यक सामान मुहैया कराता था.
"पटना पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र और शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दो आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. इसमें नवनीत कुमार हाथीदह पटना और आयुष कुमार दीघा पटना के रहने वाले हैं. वहीं अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है." -चंद्र प्रकाश, सिटी एसपी मध्य पटना
स्टूडियो से 33 आधार कार्ड जब्त: पुलिस ने स्टूडियों से पुलिस और एफएसएल की टीम ने लगभग 38 आधार कार्ड, हार्ड डिस्क, SSD ड्राइवस, दो मोबाइल, अलग-अलग साइज के कई पेन ड्राइव भी बरामद किए गए हैं. शिवम ने नवनीत को फर्जी आधार कार्ड बनवाने के लिए व्हाट्सएप के जरिए अपराधियों की पूरी डिटेल्स भेजी थी.
ये भी पढ़ें

