मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर प्रदर्शन, 22 जिलों के वकील हड़ताल पर, बोले- पीएम मोदी का करेंगे घेराव
वकीलों ने बेगमपुल तक पैदल मार्च निकाला और मानव श्रृंखला बनाई. हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 20, 2025 at 4:17 PM IST
|Updated : September 20, 2025 at 5:23 PM IST
मेरठ : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर शनिवार को वकीलों ने प्रदर्शन किया. वेस्ट यूपी के 22 जिलों के वकील हड़ताल पर रहे. सैकड़ों की संख्या में वकीलों के साथ ही राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी प्रदर्शन में शामिल हुए. अलग हाईकोर्ट की मांग को लेकर वकीलों ने अल्टीमेटम भी दिया है. वकीलों का कहना है कि सरकार ने जनहित से जुड़ी इस मांग को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई, तो पीएम मोदी का मेरठ आने पर विरोध किया जाएगा.
केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर शनिवार सुबह से ही वकील बेगमपुल की ओर पैदल मार्च पर निकले और यहां करीब 200 वकीलों ने मानव श्रृंखला बनाई. हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर उन्होंने सरकार के समक्ष अपनी मांग रखी कि वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना तुरंत की जाए. वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इस प्रदर्शन को सपा, कांग्रेस, बसपा और भीम आर्मी जैसे राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिला.
मांगों पर नहीं दिया जा रहा ध्यान : मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह धामा ने कहा कि यह काफी पुरानी मांग है. जिसके लिए कानून मंत्री से लेकर तमाम नेताओं और मंत्रियों तक से इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करने का आग्रह किया जा रहा है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. केंद्रीय संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि आगामी दिनों में प्रधानमंत्री को मेरठ में आना है. मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करना है, ऐसे में सभी की यही मांग है कि परेशानियों को समझें.

पीएम मोदी का करेंगे घेराव : उन्होंने कहा कि वेस्ट यूपी में न्यायपालिका मामलों की सुविधा के लिए हाईकोर्ट बेंच की आवश्यकता है. स्थानीय लोगों को लंबी दूरी तय करने की परेशानी से बचाने और न्याय त्वरित रूप से मिलने के लिए यह कदम जरूरी है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मेरठ आएंगे और उससे पहले अगर मांग पूरी नहीं हुई तो सभी एकजुटता दिखाते हुए उनका घेराव करने की कोशिश करेंगे.

सपा विधायक बोले- मांग जायज : समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान भी वकीलों के प्रदर्शन में पहुंचे. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के निजी स्वार्थ के चलते यहां की जनता से जुड़ी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. जबकि ये मांग जायज है. उच्च न्यायालय की सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि क्षेत्रीय लोगों को न्याय पाने में असुविधा न हो.

प्रदर्शनकारी वकीलों ने कहा कि यह आंदोलन केवल वकीलों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों का हित है. वेस्ट यूपी के किसी भी जिले में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होनी चाहिए. फिलहाल इस ओर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि हाईकोर्ट मेरठ से काफी दूर है. सहारनपुर से तो लगभग 800 किलोमीटर दूर है.

वाराणसी में वकीलों ने हाथ में हथकड़ी पहन किया विरोध :
वहीं वाराणसी में पुलिस और वकीलों का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. शनिवार को कचहरी में वकीलों ने हाथों में हथकड़ी और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया. वकीलों ने कहा कि पुलिस ने केस वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. वकीलों ने हड़ताल की भी चेतावनी दी है.
बता दें, 13 सितंबर को कचहरी परिसर में वकीलों और दरोगा के बीच मारपीट हुई थी. इसके बाद से वकील और पुलिस आमने-सामने हैं. आए दिन लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है. वकीलों का कहना है कि पुलिस चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रही है, जिसे लेकर अधिवक्ता समाज में विरोध में है.
अधिवक्ता विकास सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा हम लोगों पर फर्जी केस किया गया है और गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है. हम सब अधिवक्ता डरने वाले नहीं हैं. आज हम सब ने सांकेतिक रूप से हाथों में हथकड़ी पहन कर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया है और पुलिस को हमने यह कहा है कि हम जेल जाने के लिए तैयार हैं.
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