राजस्थान को दुग्ध उत्पादन में अव्वल बनाने की तैयारी, चार जिलों की 48 महिलाएं गुजरात में लेंगी ट्रेनिंग
गुजरात के पालनपुर में तीन दिन राजस्थान की 48 महिलाएं डेयरी उद्योग की ट्रेनिंग ले रही है.

Published : July 5, 2025 at 11:19 AM IST
जयपुर: डेयरी से महिलाओं की जिंदगी बदल सकती है. इसी मकसद से गुजरात के पालनपुर पहुंचे डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत के साथ प्रदेश की 48 महिलाओं ने 3 दिन की ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की. इस मौके पर मंत्री कुमावत बोले कि डेयरी महिलाओं के आत्मनिर्भरता के सपनों को पंख देने का सशक्त माध्यम है. वे शुक्रवार को गुजरात के पालनपुर स्थित बनास डेयरी परिसर में शुरू तीन दिवसीय महिला प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन पर बोल रहे थे. शिविर राष्ट्रीय महिला आयोग और राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की तरफ से लगाया जा रहा है. उद्घाटन समारोह में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और बनास डेयरी के चेयरमैन शंकरलाल चौधरी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर और आरसीडीएफ की प्रबंध निदेशक श्रुति भारद्वाज मौजूद रहीं.
चार जिलों की 48 महिला सचिव लेंगी प्रशिक्षण: डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि शिविर में जयपुर, सीकर, भरतपुर और टोंक जिलों की 48 महिला दुग्ध समितियों की सचिवों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका मकसद दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और संचालन को बेहतर बनाना है. डेयरी क्षेत्र महिलाओं के लिए न केवल रोजगार, बल्कि आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती का आधार है. हमें हर गांव में डेयरी समितियों को किसानों और महिलाओं के साथ संवाद कर आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो सके.
दुग्ध उत्पादन में अभी दूसरे नंबर पर हम: मंत्री कुमावत ने बताया कि राजस्थान देशभर में दुग्ध उत्पादन में दूसरे नंबर पर है. इसे पहले स्थान पर लाने के लिए सरकार कई नवाचार कर रही है. खास तौर पर गिर गाय के दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए ब्राजील से आयातित सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है. इससे दूध उत्पादन दोगुना से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है. सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना लागू की है, जिससे गोवंश और दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा. इस प्रशिक्षण से महिलाओं की प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमता बढ़ेगी. इससे दुग्ध समितियों का मुनाफा भी बढ़ेगा.
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल: राहटकर, शंकरलाल और श्रुति भारद्वाज ने भी महिला सशक्तिकरण और डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर विचार रखे. बनास डेयरी के उपाध्यक्ष भावा भाई रबारी, बनास मेडिकल कॉलेज एंड ट्रस्ट के चेयरमैन पीजे चौधरी, बनास डेयरी के प्रबंध निदेशक संग्राम चौधरी भी मौजूद थे.

