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हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 को प्रयागराज महाकुंभ की तरह दिव्य-भव्य बनाने की तैयारी, विश्व भर के सनातनी होंगे आमंत्रित

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी ने कहा प्रयागराज की तरह अखाड़ों की पेशवाई भी निकलेगी, मेला क्षेत्र बढ़ाने की मांग

HARIDWAR ARDH KUMBH 2027
हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 की तैयारी (Photo- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : March 25, 2025 at 12:53 PM IST

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Updated : March 25, 2025 at 2:33 PM IST

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हरिद्वार: प्रयागराज महाकुंभ सफल होने के बाद अब धर्म नगरी हरिद्वार में 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ को पूर्ण कुंभ की तरह मनाने को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है. जहां एक ओर सरकार ने 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ को महाकुंभ के रूप में मनाने का मन बना लिया है, तो वहीं अब संत साधु संतों ने भी 2027 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी को लेकर ईटीवी भारत ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्रपुरी से बातचीत की. 2027 में होने वाले अर्धकुंभ को किस तरह से दिव्य और भव्य बनाया जाएगा इस पर चर्चा की.

हरिद्वार अर्धकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारी: ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए श्री महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि 2027 में होने वाले हरिद्वार अर्धकुंभ को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ के रूप में मनाए जाने के लिए हमसे आग्रह किया था. इसके बाद उनकी सोच का हमने स्वागत किया और 2025 में जिस तरह से प्रयागराज में महाकुंभ हुआ है, उससे भी दिव्य और भव्य कुंभ मनाने की हमारे द्वारा कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि अभी से ही कई अधिकारी कुंभ को लेकर चर्चा करने के लिए उनसे मिल रहे हैं और उनके सुझाव ले रहे हैं.

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 होगा दिव्य और भव्य (Video- ETV Bharat)

हरिद्वार अर्धकुंभ में भी निकलेगी प्रयागराज की तरह अखाड़ों की पेशवाई: श्री महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि जिस तरह से प्रयागराज महाकुंभ में पूरे विश्व से श्रद्धालु पहुंचे, उसी तरह से हरिद्वार में भी पूरे विश्व से श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जाएगा. साथ ही प्रयागराज कुंभ में जो रिकॉर्ड बने हैं, श्रद्धालुओं के आने के उन रिकॉर्ड को भी तोड़ने का प्रयास हरिद्वार अर्धकुंभ में किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान जिस तरह से पेशवाई अखाड़ों द्वारा निकाली जाती है, इसी तरह से पेशवाई निकाली जाएगी. इस बार मेला क्षेत्र को भी सरकार से बढ़ाने का निवेदन किया जाएगा, ताकि मेला दिव्य और भव्य हो.

कुंभ मेला क्षेत्र को बढ़ाने की मांग: 2027 अर्धकुंभ को लेकर श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि आज का समय सनातन युग का है. सनातन से जुड़े लोगों के लिए कुंभ एक आस्था का केंद्र है. ऐसे में वह जब हरिद्वार आएं तो प्रशासन को चाहिए कि उन्हें जो सुविधा चाहिए, वह उपलब्ध होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हरिद्वार में सड़कों के साथ ही कुंभ मेला क्षेत्र को बढ़ाना भी आवश्यक होगा. साथ ही कुछ नए घाटों का भी निर्माण करना होगा. उन्होंने कहा कि प्रयागराज और हरिद्वार में काफी अंतर है. प्रयागराज महाकुंभ को लेकर उन्होंने अपने एक्सपीरियंस साझा करते हुए कहा कि वहां पर घाटों की कमी थी. लेकिन हमारे हरिद्वार में घाटों की कमी नहीं है. ऐसे में हम और अधिक संख्या में हरिद्वार में श्रद्धालुओं को बुला सकते हैं और उन्हें कुंभ में स्नान करा सकते हैं.

सीएम धामी से मिलेंगे अखाड़ा प्रतिनिधि: वहीं अखाड़े की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि एक बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पहले सभी अखाड़े के प्रतिनिधि मिलेंगे. इसके बाद अखाड़ा परिषद सभी अखाड़ों की बैठक बुलाएगी और मेले में जो भी व्यवस्थाएं चाहिए होंगी, उन पर अपने सुझाव मुख्यमंत्री या फिर मेला अधिकारी को देगी.

अर्धकुंभ 2027 में क्या होगा खास?

  • हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 में होना है
  • अर्धकुंभ को महाकुंभ की तरह दिव्य और भव्य बनाने की तैयारी
  • हरिद्वार अर्धकुंभ में पहली बार अखाड़ों की पेशवाई निकलेगी
  • पूरी दुनिया के सनातनियों को अर्धकुंभ के लिए निमंत्रण दिया जाएगा
  • कुंभ मेला क्षेत्र बढ़ाया जा सकता है
  • हरिद्वार में गंगा किनारे घाटों की संख्या बढ़ाई जाएगी

2027 में होना है हरिद्वार अर्धकुंभ: आपको बता दें कि साल 2021 के हरिद्वार में आयोजित हुए कुंभ के दौरान कोरोना महामारी ने मेले की भव्यता को फीका किया था. उस दौरान साधु संत, कुंभ के दौरान होने वाली पेशवाई का आयोजन नहीं कर पाए थे. दूसरी बात यह है कि हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्ध कुंभ मेले के दौरान ही उज्जैन में कुंभ का आयोजन होता है. लेकिन इस 2027 के हरिद्वार अर्धकुंभ और 2028 के उज्जैन कुंभ के बीच 1 साल का अंतर होगा. इसीलिए इस बार यह योग बना है. ऐसा पहली बार होगा कि हरिद्वार अर्धकुंभ के दौरान कुंभ की तरह दिव्य और भव्य आयोजन होगा.
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Last Updated : March 25, 2025 at 2:33 PM IST