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पूना मारगेम- पुनर्वास से पुनर्जीवन, बस्तर में माओवादी सरेंडर के लिए नया अभियान

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के सामने एक ही रास्ता है कि वे सरेंडर करे.

CAMPAIGN FOR MAOIST SURRENDER
माओवादी सरेंडर के लिए अभियान (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : July 21, 2025 at 6:55 PM IST

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Updated : July 21, 2025 at 7:12 PM IST

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बस्तर: छत्तीसगढ़ का बस्तर पिछले 4 दशकों से माओवादी प्रभावित रहा है. और केंद्रीय गृह मंत्री ने 31 मार्च 2026 तक बस्तर सहित पूरे भारत देश से माओवाद को खत्म करने की आखरी डेडलाइन घोषित की है. जिसके बाद लगातार सुरक्षाबल के जवान बस्तर की धरती पर माओवादियों के खिलाफ विभिन्न ऑपरेशन लॉन्च कर रहे हैं. एक तरफ माओवादियों की मुठभेड़ों में मार गिराया जा रहा है. दूसरी ओर उनकी गिरफ्तारी के साथ ही सरेंडर करने की अपील की जा रही है. जिसका सकारात्मक आंकड़ा भी 19 महीनों में सामने आया है. इस दौरान 1550 नक्सलियों ने सरेंडर किया है.

बस्तर में नक्सलियों के सरेंडर के लिए अभियान: पुलिस ने सोमवार को माओवादियों के सरेंडर करने के लिए अभियान शुरू किया है. जिसका नाम है, "पूना मारगेम". जिसका अर्थ है "पुनर्वास से पुनर्जीवन". यह अभियान बस्तर रेंज के सभी सात जिलों सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर और कांकेर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.

बस्तर आईजी सुंदरराज पी (ETV Bharat Chhattisgarh)

हल्बी व गोंडी भाषा में बैनर पोस्टर: इस अभियान में संभाग के सभी जिलों में हल्बी व गोंडी भाषा में बैनर पोस्टर जारी किया गया है. जहां सरेंडर व पुनर्वास से सम्बंधित जानकारी के साथ ही पुलिस अधीक्षक के साथ ही जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों का संपर्क नम्बर जारी किया गया है.

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बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान (ETV Bharat Chhattisgarh)

क्या है पूना मारगेम अभियान:

  • पूना मारगेम- पुनर्वास से पुनर्जीवन
  • बस्तर में माओवादी सरेंडर के लिए नया अभियान
  • बस्तर के सभी 7 जिलों में पूना मारगेम अभियान शुरू
  • बस्तर पुलिस ने हल्बी व गोंडी भाषा में बैनर पोस्टर जारी किए
  • नक्सलियों से हिंसा छोड़ने की अपील
  • सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन जीने की अपीलनक्सलियों को आर्थिक सहायता के साथ ही स्किल डेवलपमेंट भी
  • सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर और कांकेर में अभियान

नक्सलियों से बस्तर आईजी की अपील: बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया "छत्तीसगढ़ सरकार व भारत सरकार के द्वारा लगातार माओवादियों से हिंसा छोड़कर मुख्य धारा में शामिल होने की अपील जा रही है. इसी कड़ी में बस्तर संभाग में "पूना मारगेम- पुनर्वास से पुनर्जीवन" एक नई पहल शुरू की जा रही है. जिससे माओवादी हिंसा त्यागकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज में एक सामान्य जीवन जी सकते है, साथ ही जिम्मेदार नागरिक की तरह बस्तर क्षेत्र में शांति विकास व सुरक्षा के लिए विशेष योगदान दे सकता है."

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बस्तर आईजी सुंदरराज पी (ETV Bharat Chhattisgarh)

आईजी ने बताया कि पुनर्वास नीति में आर्थिक सहायता से साथ ही स्किल डेवलपमेंट में भी विशेष फोकस किया जा रहा है. सरेंडर माओवादी स्किल डेवलपमेंट सेंटर में अपनी पसंदीदा स्किल डेवलपमेंट कोर्स कर सकता है. संभाग के सातों जिलों में स्थानीय हल्बी व गोंडी भाषा मे बैनर पोस्टर लगाए जाएंगे.

सरेंडर ही आखिरी विकल्प: आईजी कहा कि बीते समय में DVCM कैडर से लेकर निचले कैडर, PLGA कैडर के लोगों ने आत्मसमर्पण किया है. आगामी दिनों में और भी बड़े स्तर के माओवादियों के सरेंडर की भी उम्मीद है. क्योंकि माओवादी संगठन के पास सरेंडर के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है. सरेंडर नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतान पड़ सकता है.

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पुनर्वास से पुनर्जीवन (ETV Bharat Chhattisgarh)
नक्सलियों से आईजी की अपील:
  • माओवादी संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़े
  • हिंसा त्यागकर आत्मसमर्पण कर शासन की पुनर्वास नीति-2025 का लाभ प्राप्त करें
  • दिशा-विहीन एवं नेतृत्व विहीन माओवादी संगठन का अंत निश्चिंत है. आत्मसमर्पण कर नये जीवन की शुरुवात करें
  • पुनर्वास केन्द्रों में कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण लेकर सकारात्मक कार्य करते हुए सम्मानजनक जीवन-यापन करें
  • बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा एवं विकास का सहभागी बनते हुए, सकारात्मक परिवर्तन का साक्षी बनें
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Last Updated : July 21, 2025 at 7:12 PM IST