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''क्या हुक्म है मेरे आका, दिल्ली जाकर पूछेंगे अब काका'': केदार कश्यप, वन मंत्री

कोल आवंटन और हसदेव में पेड़ों की कटाई पर बीजेपी ने कांग्रेस के शासन काल के दस्तावेज जारी किए.

POLITICS ON CHAITANYA ARREST
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सियासी पारा हाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : July 21, 2025 at 7:57 AM IST

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Updated : July 21, 2025 at 11:12 AM IST

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रायपुर: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर ईडी की कार्रवाई और गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ का सियासी पारा हाई है. रविवार को भारतीय जनता पार्टी ने भूपेश बघेल पर जवाबी हमला बोला. एकात्म परिसर में प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी ने कहा कि जनता कांग्रेस की सच्चाई से वाकिफ है. हम जनता को ये बताना चाहते हैं कि कोल आवंटन और पेड़ों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने कितना झूठ लोगों के सामने परोसा है.

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सियासी पारा हाई: प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी ने कांग्रेस के शासन काल के वक्त के कुछ दस्तावेज भी सामने रखे. बीजेपी ने दावा किया कि ये दस्तावेज बताते हैं कि कोल आवंटन और पेड़ों की कटाई में कांग्रेस जिम्मेदार है. प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अब जब भूपेश बघेल अपने भ्रष्टाचार में फंस गए तब अनर्गल आरोप लगा रहे हैं. केदार कश्यप ने कांग्रेस हाईकमान पर तंज कसते हुए कहा कि अब भूपेश बघेल दिल्ली जाकर कांग्रेस हाईकमान से पूछेंगे क्या हुक्म में मेरे आका.

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सियासी पारा हाई (ETV Bharat)

''क्या हुक्म है मेरे आका'': प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने भूपेश बघेल के बयान कि हाईकमान साथ खड़ा है पर तंज कसते हुए कहा कि ''चोर चोर मौसेरे भाई, वह तो खड़े ही होंगे. अभी भूपेश काका, आका के पास जाएंगे और पूछेंगे, मेरे लिए क्या हुक्म है आका''.

POLITICS ON CHAITANYA ARREST
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सियासी पारा हाई (ETV Bharat)

कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार बार प्रस्तुत कर रही है. आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पांच वर्ष में भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था. शराब घोटाला, कोयला घोटाला, चावल घोटाला, गोठान घोटाला से लेकर पीएससी घोटाले तक में इन लोगों ने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा. आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं. सभी जेल जा रहे हैं. बेवजह जिस तरह से अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है: केदार कश्यप, वन मंत्री

कोल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई पर झूठ बोला: मंत्री कश्यप ने कहा कि जब भी आप सभी कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेल बचाव में आ जाते थे. कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने अपने घरों की बिजली बंद कर दें. सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेश अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे?

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चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सियासी पारा हाई (ETV Bharat)

न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की. साल 2010 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया. उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था: केदार कश्यप, वन मंत्री

''कांग्रेस सरकार में हुआ खेल'': वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया. जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानें गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया. इसी तरह भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी. 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है. इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई.

महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे. 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था: केदार कश्यप, वन मंत्री

बीजेपी ने दागे सवाल: केदार कश्यप ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे? क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें. क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?

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चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सियासी पारा हाई (ETV Bharat)



कोल ब्लॉक आवंटन पर सवाल खड़े किए: मंत्री कश्यप ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आवंटन के लिए. जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा.

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Last Updated : July 21, 2025 at 11:12 AM IST