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'4 दिनों तक दुष्कर्म, खाना भी नहीं दिया..', कोर्ट ने आरोपी को सुनाई कड़ी सजा

रोहतास में पॉक्सो विशेष कोर्ट ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है. मामला 2023 का है.

MOLESTATION IN ROHTAS
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 21, 2025 at 10:24 AM IST

3 Min Read
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रोहतास: बिहार के रोहतास में दुष्कर्म मामले में पॉक्सो विशेष न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की कठोर सजा सुनाते हुए 25000 रुपए का जुर्माना लगाया है. साथ ही पीड़िता को तीन लाख रुपए की सहायता देने का भी आदेश जारी किया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी.

क्या है मामला?: पीड़िता के पिता द्वारा दिए गए बयान के मुताबिक 30 मई 2023 की शाम छह बजे पीड़िता शौच के लिए घर से बाहर निकली थी. कुछ दूर जाने पर आरोपी ने पीड़िता का जबरन हाथ पकड़कर उसे खींचते हुए अपने स्कूटर पर बैठा लिया. उसे अपने घर ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.

चार दिनों तक भूखा रखा: दुष्कर्म के अगले दिन आरोपी पीड़िता को अपने बहन के घर ले गया. इस दौरान भी उसने उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता के मुताबिक 4 दिनों तक आरोपी ने उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया और उसे खाना तक नहीं दिया. 4 दिनों तक भूखा रखा. आरोपी ने पीड़िता को धमक दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे जान से मार देगा.

2 साल तक कोर्ट में चला केस: 4 दिनों के बाद पीड़िता घर लौटी थी. इसके बाद उसने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी. जानकारी मिलने के बाद परिजन पुलिस थाना पहुंचे, जहां इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई. इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पिछले 2 साल से कोर्ट में केस चल रहा था. अंत में कोर्ट ने पीड़िता को न्याय दिया और आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई.

पीड़िता को मिलेगा मुआवजा: स्पेशल पीपी हीरा प्रताप सिंह ने बताया कि विशेष अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास को लेकर 3 लाख रुपए मुआवजा भुगतान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार और जिलाधिकारी रोहतास को पत्र जारी करने का आदेश भी दिया है.

'' मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई थी. विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में आरोपी को 10 साल की कैद और ₹25000 का जुर्माना लगाया है. साथ ही अपहरण की विभिन्न धाराओं में 7 साल की सजा और 15000 रुपए का भी जुर्माना लगाया है''. हीरा प्रताप सिंह, स्पेशल पीपी

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