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10 साल की छात्रा से दुष्कर्म के बाद कर दी थी हत्या, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में 5 महीने में सुनवाई पूरी कर दोषी को सजा सुनाई है. पढ़ें खबर

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कोर्ट ने 5 महीने में दोषी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 25, 2025 at 2:12 PM IST

3 Min Read
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भोजपुर: केंद्र सरकार द्वारा लागू भारतीय न्याय संहिता बीएनएस के तहत भोजपुर जिला की विशेष पॉक्सो अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नारायण साह उर्फ वकील साह को 10 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने दोषी पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

10 साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद की थी हत्या: आरा शहर के नगर थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में, दोषी ने अपने पड़ोस की एक नाबालिग बच्ची के साथ जघन्य अपराध किया था. शनिवार को सुनाए गए फैसले में, अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित परिवार के एक नामित सदस्य को 10 लाख रुपये मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया.

दुष्कर्म और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा (ETV Bharat)

22 दिनों में भीतर 12 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए: विशेष पॉक्सो अदालत में पॉक्सो मामले (पॉक्सो 2/2025) की सुनवाई अपनी गंभीर प्रकृति के अनुरूप तेजी से पूरी की गई. अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सरोज कुमारी ने मुकदमे के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर चार्जशीट दाखिल होने के मात्र 22 दिनों के भीतर 12 गवाहों के बयान, जिसमें जांच अधिकारी, चिकित्सक और अन्य साक्ष्य शामिल थे, न्यायालय में दर्ज कराए.

लोक अभियोजक ने पुलिस के काम की तारीफ की: विशेष लोक अभियोजक सरोज कुमारी ने बताया कि पुलिस की तत्परता से बारह गवाह न्यायालय में समय से प्रस्तुत कराए गए और आवश्यक बयान दर्ज कराए गए. उन्होंने बताया कि डीएनए जांच और एफएसएल की जांच रिपोर्ट इस मुकदमे में निर्णय के लिए अहम थे.

"बच्ची शाम को घर पर आटा रखकर, अपनी मां को ये कहते हुए बाहर गई कि वकील चाचा बुला रहे हैं. बाहर जाते ही दोषी शख्स बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया. दुष्कर्म के बाद बच्ची की उसने हत्या कर दी और शव को चौकी के नीचे की छुपा दिया. बीएनएस के धाराओं के मुताबिक सजा सुनाई गई है".-, सरोज कुमारी, विशेष लोक अभियोजक, पॉक्सो

क्या है पूरा मामला?: मामला 17 दिसंबर 2024 का है. जब नगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की नाबालिग लड़की के साथ नारायण साह उर्फ वकील साह नाम के शख्स ने दुष्कर्म किया और उसकी हत्या भी कर दी. पुलिस ने मामले को संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और अभियुक्त को गिरफ्तार कर लगभग एक महीने में चार्जशीट दाखिल कर दिया, जिसके बाद शनिवार की सुनवाई में नारायण साह को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही दोषी पर 1 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना भी भी लगाया

लगभग 5 महीने में पूरी हुई सुनवाई: पॉक्सो मामले में 5 महीने के भीतर सुनवाई पूरी होने और दोषी को आजीवन कारावास की सजा मिलने से त्वरित न्याय प्रक्रिया का उदाहरण स्थापित हुआ है. भारतीय न्याय संहिता के तहत ये फैसला गंभीर अपराधों के खिलाफ कठोर और तेज कार्रवाई को दर्शाता है. न्यायपालिका की ये प्रतिबद्धता पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने और अपराधियों को दंडित करने के संकल्प को दिखाती है.
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