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फोन टैपिंग मामले में केंद्र के खिलाफ केस वापस, भजनलाल सरकार के प्रार्थना पत्र पर सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुमति - Phone Tapping Case

Phone Tapping Case, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से जुड़े फोन टैपिंग मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से पेश केस को वापस लेने की मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने यह निर्देश राज्य सरकार की ओर से केस को वापस लेने के संबंध में दायर प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए दिए.

Phone Tapping Case
फोन टैपिंग मामले में केंद्र के खिलाफ केस वापस (ETV BHARAT JAIPUR)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : September 11, 2024 at 11:41 AM IST

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जयपुर : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से जुड़े फोन टैपिंग मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से पेश केस को वापस लेने की मंजूरी दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश राज्य सरकार की ओर से केस को वापस लेने के संबंध में दायर प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए दिए. प्रार्थना पत्र में कहा गया कि गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ मौजूदा मामले में कोई मेरिट नहीं है. ऐसे में केस को वापस लेने की अनुमति दी जाए.

साथ ही केस में कहा गया था कि मामले में क्राइम ब्रांच की ओर से दर्ज एफआईआर की जांच और अभियोजन का अधिकार राज्य सरकार को है. इसलिए इसकी जांच राजस्थान पुलिस को करनी चाहिए. इसलिए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए केस को राजस्थान पुलिस के पास भेजा जाना चाहिए. इस मामले में गत पांच फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस मूल केस को जारी रखने या नहीं रखने को लेकर समय मांगा था.

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गौरतलब है कि राज्य सरकार ने एएसजी शिवमंगल शर्मा से चर्चा कर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के खिलाफ दायर इस केस को वापस लेने का निर्णय लिया था. दरअसल, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के कथित फोन टैपिंग मामले में मंगलवार को नया मोड़ है. कोर्ट ने इस मामले में राजस्थान की भजनलाल सरकार की ओर से दायर याचिका को मंजूर कर लिया. वहीं, सुप्रीम कोर्ट में यह मामला प्रदेश की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय दर्ज किया गया था. तब गहलोत सरकार ने गजेंद्र सिंह शेखावत के फोन टैपिंग से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस को राजस्थान में जांच से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.