महिलाओं ने तानी मुठ्ठी तो जागा जल संस्थान, 4 दिन बाद नलों में आया पानी - Almora Water Problem
Water Problem in Almora अल्मोड़ा के द्वाराहाट क्षेत्र में चार दिन से पानी नहीं आया तो महिलाएं सड़कों पर उतर गई. जिसे देख जल संस्थान के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए. इतना ही नहीं अब जल संस्थान ने पानी की सप्लाई भी शुरू कर दी है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 3, 2024 at 6:12 PM IST
अल्मोड़ा: आखिरकार महिलाओं के पेयजल समस्या को लेकर हाईवे पर प्रदर्शन और नारेबाजी करने पर जल संस्थान जागा है. अब जल संस्थान ने पानी वितरण शुरू कर दिया है. अभी तक द्वाराहाट समेत आस पास के गांवों में चार दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा था. जिसे लेकर महिलाएं खाली बर्तन लेकर जल संस्थान के कार्यालय पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला तो उन्होंने द्वाराहाट-बदरीनाथ हाईवे पर धरना देकर जाम लगा दिया था. इसके बाद जल संस्थान के अधिकारियों ने महिलाओं को लिखित आश्वासन दिया. तब जाकर महिलाएं मानीं. अब बुधवार से जल संस्थान ने पानी वितरण करना शुरू कर दिया है.
दरअसल, द्वाराहाट नगर समेत गवाड़, कोटीला, ध्याड़ी, बमनपुरी, सलालखोला, भुमकिया, जामड़ के साथ दर्जन से ज्यादा गांवों की प्यास बुझाने वाली रामगंगा पंपिंग योजना का ट्रांसफॉर्मर फूक गया था. जिसके कारण पिछले चार दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप थी. जलापूर्ति न होने के कारण महिलाओं में जल संस्थान के खिलाफ आक्रोश था. जिसके बाद महिलाओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया. आक्रोशित महिलाओं ने जल्द जलापूर्ति सुचारू करने की मांग की. उनका कहना था कि जलापूर्ति ठप रहने पर उनका पूरा समय प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने में बीत रहा है. जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है.
वहीं, महिलाओं के न मानने पर जल संस्थान के ईई ने जल्द जलापूर्ति सुचारू करने, रोस्टर के हिसाब से पानी बांटने, जलापूर्ति ठप होने पर टैंकर से आपूर्ति करने का लिखित आश्वासन दिया. जिसके बाद महिलाओं ने अपना धरना खत्म किया. वहीं, जल संस्थान ने बुधवार को पेयजल योजना का ट्रांसफार्मर ठीक कराकर जलापूर्ति शुरू करने की पहल भी कर दी है.
"रामगंगा पंपिंग पेयजल योजना का 250 केवी का ट्रांसफार्मर फूक जाने के कारण जलापूर्ति में व्यवधान आया था. अब ट्रांसफार्मर को ठीक कराकर पेयजल आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं, जल जीवन मिशन के तहत एक 250 केवी के ट्रांसफार्मर रिजर्व में रखने के लिए प्रावधान भी कर दिया गया है." - सुरेश ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, रानीखेत जल संस्थान
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