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देवप्रयाग में भारी भूस्खलन, मकान टूटे, स्टेट हाईवे बाधित, मलबे से दो लोग घायल

टिहरी के देवप्रयाग में भूस्खलन के कारण पौड़ी देवप्रयाग मार्ग अवरुद्ध हुआ, गौशाला और मकान मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त

Heavy landslide in Devprayag
देवप्रयाग में भारी भूस्खलन (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 14, 2025 at 1:37 PM IST

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Updated : July 14, 2025 at 2:02 PM IST

2 Min Read
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पौड़ी/देवप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन होने से बार-बार मोटर मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं. वहीं पहाड़ दरकने से लोगों की जान पर खतरा भी मंडरा रहा है. इसी तरह टिहरी जिले के देवप्रयाग में पहाड़ से भूस्खलन हुआ है. भूस्खलन का भयावह वीडियो भी सामने आया है.

संगम नगरी देवप्रयाग में सोमवार को भारी बारिश के चलते भीषण भूस्खलन हुआ. संगम क्षेत्र से सटे पौड़ी बाह बाजार में पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया, जिसकी चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए. वहीं पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से एक गौशाला, एक मकान और दो वाहनों को नुकसान पहुंचा है.

देवप्रयाग में भारी भूस्खलन (VIDEO-ETV Bharat)

तस्वीरों में आप साफ तौर पर देख सकते कि अचानक पहाड़ियों से पत्थरों की बारिश शुरू हो गई. शुरू में छोटे-छोटे पत्थर आने शुरू हुई और उसके बाद अचानक बड़े-बड़े बोल्डर गिरने लगे. इस पूरी घटना को दूसरी तरफ रहने वाले लोगों ने अपने कमरे में कैद कर लिया. घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया. घायलों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा गया है.

वहीं पौड़ी-देवप्रयाग स्टेट हाईवे पर मलबा जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ. जिसे सुचारू करने के लिए जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का कार्य जारी है. प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील कि है कि मॉनसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के समय सतर्क रहें. बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं लगातार हो रही हैं. किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए सावधानी बरतें.

पौड़ी गढ़वाल एसडीएम दीपक रामचंद्र सेठ ने बताया कि सूचना मिलते ही राजस्व की टीम को मौके के लिए भेज दिया गया है. जो भी जनहानि हुई है, उसका आकलन किया जाएगा. इसके साथ ही राहत और बचाव का काम किया जा रहा है.

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Last Updated : July 14, 2025 at 2:02 PM IST