पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में खेला! PK ने कांग्रेस के NSUI के उम्मीदवार को दिया समर्थन
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में पीके की जन सुराज ने कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के अध्यक्ष उम्मीदवार को समर्थन दिया है.

Published : March 26, 2025 at 10:01 AM IST
पटना: बिहार के पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2025 में राजनीतिक उठापटक और गठजोड़ ने चुनावी मैदान को गरमा दिया है. प्रशांत किशोर के जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार दिवेश दीनू के नामांकन वापसी के बाद पार्टी ने एनएसयूआई (NSUI) के प्रत्याशी मनोरंजन कुमार राजा को समर्थन देने का ऐलान किया है.
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव: इस रणनीतिक कदम से चुनाव में नए समीकरण बन गए हैं, जिससे एनएसयूआई को मजबूती मिलने की उम्मीद है. वहीं, छात्र जदयू इस बार चुनावी मैदान से गायब है, जो पिछले चुनावों में अध्यक्ष पद समेत चार सीटें जीता था. 29 मार्च को होने वाले इस चुनाव में करीब 19,000 छात्र मतदान करेंगे.
अचानक नाम वापसी और गठबंधन: जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार दिवेश दीनू ने 19 मार्च को नामांकन की अंतिम तिथि के दिन अपना नाम वापस ले लिया. पार्टी की छात्र इकाई के लिए काम करने वाले विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र चंदन सिंह ने आरोप लगाया कि दीनू ने प्रलोभन में आकर विद्यार्थी परिषद (ABVP) से गुप्त समझौता किया और पार्टी को धोखा दिया.
"दीनू ने पार्टी के छात्र इकाई को कमजोर करने की कोशिश की है. इस घटनाक्रम के बाद जन सुराज ने एनएसयूआई के उम्मीदवार मनोरंजन राजा को समर्थन देने का निर्णय लिया है.यह धोखा छात्र आंदोलन के मूल्यों के खिलाफ है."- चंदन सिंह, पूर्व छात्र
एनएसयूआई को मिली बढ़त, जदयू हुआ गायब: जन सुराज के समर्थन से एनएसयूआई के अध्यक्ष पद की दावेदारी मजबूत हुई है. पिछले चुनावों में जदयू समर्थित उम्मीदवारों ने चार सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार पार्टी किसी भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ रही. इसके पीछे राज्य की राजनीति में जदयू के कमजोर होने की अटकलें हैं. छात्र जदयू के पास अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष का पद था. वहीं, जन सुराज अभी भी उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महासचिव और सचिव पदों पर अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में है. पार्टी का दावा है कि इन पदों पर उन्हें छात्रों का भारी समर्थन मिल रहा है.
चुनावी रणनीति और राजनीतिक असर: पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव को बिहार की राजनीति की नींव माना जाता है. यहां से तमाम नेता राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाते हैं. जन सुराज की ओर से अध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई के उम्मीदवार को समर्थन राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव करने वाला कदम माना जा रहा है. लोग इसे आगामी विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखने लगे हैं.
29 मार्च को चुनाव: गौरतलब है कि छात्र संघ चुनाव को लेकर नामांकन का सिलसिला 17 से 19 मार्च तक चला. 29 मार्च को सुबह 8:00 से दिन के 2:00 तक मतदान होना है, जिसमें विश्वविद्यालय के लगभग 19000 विद्यार्थी मतदान करेंगे. 29 मार्च की देर शाम वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी.
2022 में जेडीयू के पास था अध्यक्ष पद: बता दें कि साल 2012 में छात्र संघ चुनाव संपन्न हुआ था, इसमें आशीष कुमार सिंह छात्र संघ अध्यक्ष बने और अंशुमान उपाध्यक्ष बने थे. इसके बाद विश्वविद्यालय में समय- समय पर छात्र संघ चुनाव हुए. आखिरी बार छात्र संघ चुनाव साल 2022 में संपन्न हुआ था, जिसमें छात्र जदयू के आनंद मोहन अध्यक्ष बने.
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