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पन्ना के प्यासे गांव की दर्दभरी कहानी! जंगल में बाघ हैं, लेकिन 2 किमी चल ढोया जा रहा पानी

पन्ना के ग्राम पनारी के लोग जूझ रहे हैं जलसंकट से. दो किलोमीटर दूर जंगली जानवरों के बीच जंगल से लाना पड़ रहा है पानी.

panna WATER CRISIS
जलसंकट से जूझ रहा पन्ना का गांव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 15, 2025 at 9:03 AM IST

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Updated : May 15, 2025 at 9:14 AM IST

3 Min Read
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पन्ना: पानी की कीमत पनारी ग्राम के आदिवासी ही बता सकते हैं, जो तपती दोपहर में अपने ग्राम से जंगल की ओर पनघट से पानी भरने को मजबूर हैं. क्योंकि गांव में गर्मियों के समय पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण जंगल में बने पनघट (प्राकृतिक जल स्रोत) की ओर रुख करते हैं. यहां आजादी के 7 दशक बाद भी कोई बदलाव नहीं आया है. ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं.

जंगल में बना पनघट ही पानी का सहारा
पन्ना जिला केंद्र से लगभग 50 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत गहरा के ग्राम पनारी से जलसंकट की खबर निकलकर सामने आ रही है. यहां के ग्रामीण पानी की एक एक बूंद को तरस रहे हैं. गांव में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को जंगल में बनी पनघट (प्राकृतिक जल स्रोत) से पानी भरने जाना पड़ता है. ग्रामीण महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर जंगल में पानी भरने को मजबूर हैं.

पन्ना के ग्राम पनारी के लोग जूझ रहे हैं जलसंकट से (ETV Bharat)

सिर पर डिब्बे रखकर लाते हैं पानी
पनारी एक आदिवासी ग्राम है, जो पन्ना जनपद के अंतर्गत आने वाली गहरा ग्राम पंचायत का हिस्सा है. यह जंगलों के बीच में स्थित है. यहां पर पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण दोपहर में 10 से 12 लोगों का झुंड बनाकर पानी लेने जाते हैं. पानी लेने का स्थान जंगल में बना पनघट है. जहां पर महिलाएं पुरुष बच्चे सिर पर डिब्बा रखकर 2 किलोमीटर का सफर तय करते हैं और पानी के स्थान पर पहुंचते हैं. फिर 2 किलोमीटर का सफर तय कर गांव तक पहुंचते हैं. यह रास्ता बहुत ही कठिन एवं पथरीला है जिससे ग्रामीणों को बहुत दिक्कत होती है.

Panari Villagers forced to water
दो किलो मीटर चल जंगल से पानी लाते हैं ग्रामीण (ETV Bharat)

जंगली जानवरों का रहता है खतरा
एक तो पनारी ग्राम जंगल में स्थित है, दूसरा जहां पानी लेने पनघट पर प्राकृतिक जल स्रोत में ग्रामीण जाते हैं. वह भी स्थान और घने जंगलों के बीच में स्थित है. जिससे जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है और जो प्राकृतिक जल स्रोत पनघट से पानी भरने के लिए ग्रामीण जाते हैं. वहां पर जंगली जानवर भी पानी पीने आते हैं इसलिए पानी भरने के लिए खतरा बना रहता है.

क्या कहती है सरकारी व्यवस्था
जब इस विषय में पन्ना जनपद पंचायत के सीईओ आनंद शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, ''आपके द्वारा यह मामला संज्ञान में लाया गया है. कल ग्राम पनारी पहुंचकर जांच की जाएगी एवं देखा जाएगा कि ग्रामीणों को पानी गांव में क्यों नहीं मिल पा रहा है और पानी की व्यवस्था की जाएगी.''

Last Updated : May 15, 2025 at 9:14 AM IST