नक्सलगढ़ बस्तर में जापानी इंसेफ्लाइटिस का प्रकोप, कुल 15 केस आए सामने , जानिए कैसे फैलता है जापानी बुखार
बस्तर में जापानी बुखारी के केसों की संख्या में इजाफा हो रहा है. अब तक इस बीमारी से दो लोगों की मौत हो चुकी है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 16, 2025 at 6:45 PM IST
जगदलपुर: बारिश के मौसम में बस्तर के नदी नाले उफान पर है. इस दौरान बस्तर में कई बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. यहां के लोग पहले से मलेरिया और डेंगू से पीड़ित है. इस बीच बस्तर में जापानी बुखार यानि की जापानी इंसेफ्लाइटिस ने दस्तक दे दी है. अब तक जापानी बुखार के कुल 15 केस बस्तर के जगदलपुर में दर्ज किए गए हैं.
जापानी बुखार से दो मरीजों की मौत: जगदलपुर में जापानी बुखार से पीड़ित दो मरीजों की मौत हो चुकी है. हेल्थ डिपार्टमेंट का कहना है कि 15 मरीजों में से अधिकांश मरीज स्वस्थ होकर वापल लौट रहे हैं. इनमें दो मरीजों की मौत जापानी इंसेफ्लाइटिस से हुई है. इन दो मरीजों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. जिसके बाद यह पुष्टि हो पाएगी कि इनकी मौत जापानी बुखार से हुई है या नहीं.
बच्चे जापानी बुखार से ज्यादा पीड़ित: जगदलपुर के जिला टीकाकरण अधिकारी सीआर मैत्री से ईटीवी भारत ने जापानी बुखार को लेकर बात की. उन्होंने बताया कि यह फीवर बच्चों में ज्यादा पाया जाता है. जापानी फीवर सबसे ज्यादा तोकापाल,दरभा,नानगुर और बकावंड में पाया गया है. इसके बचाव के लिए लगातार टीकाकरण अभियान चलाया रहा है.

जापानी बुखार को रोकने के लिए बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है. पहला डोज 09 महीने से 1 साल तक के बच्चों को लग रहा है. दूसरा डोज 16 महीने से 24 महीने तक के बच्चों को लग रहा है. कोई बच्चा टीके से वंचित न हो इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है. 05 साल तक के बच्चे को जेई वैक्सीन लगाया जा रहा है.- सीआर मैत्री, जिला टीकाकरण अधिकारी, जगदलपुर

कैसे फैलता है जापानी इंसेफ्लाइटिस ?: चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनुरूप साहू ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस एक वायरस है.यह मच्छरों के काटने से होता है.यह कुलीसाइन मस्क्यूटो जिसका साइंटिफिक नाम क्यूलेक्स मच्छर है. इस मच्छर के काटने से यह बुखार होता है.फॉरेस्ट एरिया और खेती में यह मच्छर पाया जाता है.पिछले कुछ सालों से बस्तर संभाग के विभिन्न इलाकों से और पड़ोसी राज्यों से जापानी बुखार के केस सामने आ रहे हैं.

जापानी बुखार की जांच और इलाज डिमरापाल अस्पताल में संभव है. डिमरापाल अस्पताल में इस बीमारी के मरीजों का इलाज हो रहा है.- डॉक्टर अनुरूप साहू, चाइल्ड स्पेशलिस्ट

जापानी बुखार से बचने के लिए क्या करें ?: डॉक्टर अनुरूप साहू ने बताया कि जापानी बुखार से बचने के लिए घर में साफ सफाई रखना जरूरी है. मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी लगाएं. मच्छरों को मारने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करें. घर के आसपास पानी जमा होने न दें. बच्चों को जापानी बुखार से बचाने के लिए इसके टीके जरूर लगाएं.


