हरिद्वार में कथित जमीन घोटाले में खाते सीज करने के आदेश, जल्द हो सकता है बड़ा एक्शन
हरिद्वार नगर निगम जमीन खरीद मामला, कथित घोटाले पर कार्रवाई तेज, जमीन खरीद को लेकर ट्रांजैक्शन हुए खातों को सीज करने के आदेश

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 1, 2025 at 7:10 PM IST
|Updated : May 1, 2025 at 8:51 PM IST
देहरादून: हरिद्वार नगर निगम में जमीन के कथित घोटाले पर बड़ी खबर सामने आई है. हरिद्वार डीएम ने नगर निगम की ओर से खरीदी गई जमीन के पूर्व मालिकों के खाते सीज करने के आदेश दिए हैं. उधर, जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई के संकेत भी मिल रहे हैं.
हरिद्वार नगर निगम की ओर से खरीदी गई जमीन के मामले में अब जांच शुरू होते ही जरूरी कार्रवाई होने लगी है. मामले में जिन लोगों से ये विवादित जमीन खरीदी गई, उनके खाते सीज किए गए हैं. इसके लिए हरिद्वार जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने आदेश जारी किए हैं. ईटीवी भारत से बात करते हुए हरिद्वार डीएम कर्मेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है.

बता दें कि पिछले दिनों हरिद्वार में नगर निगम की ओर से खरीदी गई जमीन का मामला सुर्खियों में रहा था. चर्चाएं रही कि नगर निगम हरिद्वार ने करीब 33 बीघा जमीन मार्केट रेट से काफी ज्यादा दामों पर खरीद कर सरकारी धन का नुकसान किया. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फौरन मामले में जांच के आदेश दिए.
इसमें शासन में सचिव रणवीर सिंह चौहान को जांच अधिकारी नामित किया गया. जांच मिलने के बाद जांच अधिकारी के रूप में रणवीर सिंह ने जिलाधिकारी को उन खातों को फ्रीज करने के लिए पत्र लिखा, जिनमें जमीन खरीद को लेकर ट्रांजैक्शन हुआ था. बताया जा रहा है कि इस जमीन को खरीदने के लिए नगर निगम हरिद्वार ने 54 करोड़ रुपए खर्च किए.
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार नगर निगम हरिद्वार द्वारा सराय स्थित भूमि को क्रय किये जाने के प्रकरण में दोषी पाए गए अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में 4 अधिकारियों को निलम्बित किया गया है। एक कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के…
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) May 1, 2025
ऐसे आया था मामला सामने: यह मामला तब सामने आया, जब नगर निगम की मेयर ने ही इस पर सवाल खड़े कर दिए. बताया जा रहा है कि जल्द ही सरकार इस मामले में कुछ कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई कर सकती है. हालांकि, अभी जांच गतिमान है और प्राथमिक दृष्टया जिस स्तर पर कुछ कमियां दिखाई दे रही है, उन अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है.
उधर, इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि जिन लोगों की इस मामले में भूमिका संदिग्ध है, उन्हें संबंधित पदों से हटाया जा सकता है. इस मामले में नगर निगम में तैनात बड़े अधिकारी की भूमिका भी जांच के घेरे में है और जांच अधिकारी के स्तर से सभी पहलुओं पर जांच करते हुए जल्द संबंधित कागज नगर निगम से लिए जाएंगे.
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