श्रीनगर बेस अस्पताल में अब 12 घंटे मिलेगी डायलिसिस सुविधा, दूर-दराज के मरीजों को हुआ फायदा - Srinagar Base Hospital
Srinagar Base Hospital dialysis facility राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस चिकित्सालय में अब डायलिसिस कराने वाले मरीजों को छह घंटे के बजाय पूरे 12 घंटे की डायलिसिस सुविधा शुरू कर दी गई है. पहले डायलिसिस की छह घंटे की एक ही शिफ्ट हुआ करती थी. अब अस्पताल प्रशासन ने दूर-दराज क्षेत्र के मरीजों की सुविधा को देखते हुए एवं स्थाई नर्सिंग स्टाफ आने पर डायलिसिस की सुविधा दो शिफ्टों में शुरू कर दी है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 3, 2024 at 8:40 AM IST
श्रीनगर: बेस चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजेय विक्रम सिंह ने बताया कि नियमित नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति के बाद और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत के निर्देशन पर डायलिसिस कराने वाले मरीजों के लिए दो शिफ्ट शुरू करा दी गई हैं. उन्होंने कहा कि पहले डायलिसिस की सुविधा बेस अस्पताल में आठ बजे सुबह से दोपहर दो बजे तक होती थी. किंतु अब दोपहर दो बजे से आठ बजे सायं तक भी डायलिसिस की दूसरी शिफ्ट शुरू कर दी गई है.

बेस चिकित्सालय में दो शिफ्टों में डायलिसिस शुरू: इससे पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और चमोली क्षेत्र के विभिन्न गांवों व शहरों से आने वाले मरीजों को सुविधा मिल रही है. मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया है. कहा कि पहले एक ही शिफ्ट होने से नंबर नहीं आ पाता था. अब दो शिफ्ट होने से डायलिसिस के लिए इंतजार नहीं करना पड़ रहा है. डायलिसिस यूनिट मेडिसिन विभाग के एचओडी एवं अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस बुटोला के निर्देशन में संचालित हो रही है. पिछले माह से अभी तक 69 मरीज विभिन्न क्षेत्रों से डायलिसिस के लिए पहुंचे हैं.

मरीजों और तीमारदारों ने जताया आभार: मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के वरिष्ठ फिजिशियन केपी बुटोला ने बताया कि चिकित्सालय में इलाज को आने वाले हर एक मरीज को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. डायलिसिस मरीजों की सुविधा हेतु दो शिफ्ट शुरू कराने का मकसद दूरस्थ क्षेत्र के डायलिसिस मरीजों को इसकी सुविधा घर और गांव के नजदीक दिलाना ही प्राथमिकता है. ताकि मरीजों को कम से कम दिक्कत हो. बेस अस्पताल श्रीनगर में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा नि:शुल्क रूप में प्रदान किये जाने का सतत प्रयास जारी है. मरीज सेवा, प्रभु सेवा का भी एक रूप है.
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