नक्सली संगठन टीएसपीसी का चतरा पुलिस को खुला चैलेंजः आक्रमण गंझू को कोर्ट में करें पेश नहीं तो...!
नक्सली संगठन टीएसपीसी की चतरा पुलिस को खुली चुनौती दी है. इस खबर में जानें क्या है वो.

Published : February 27, 2025 at 5:54 PM IST
चतरा: जिला में नक्सली गतिविधियां एक बार फिर उग्र रूप धारण कर चुकी है. टीएसपीसी के खूंखार नक्सलियों ने चतरा पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए खुली चेतावनी दी है.
नक्सलियों ने पुलिस को अल्टीमेटम दिया है कि वे 18 लाख के इनामी नक्सली आक्रमण गंझू समेत तीन अन्य गिरफ्तार साथियों को 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करें, अन्यथा प्रशासन को भारी नुकसान झेलने के लिए तैयार रहना होगा.
टीएसपीसी संगठन के रीजनल कमांडर मंजीत ने प्रेस रिलीज जारी कर यह दावा किया कि चतरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार नक्सलियों को अवैध रूप से हिरासत में रखकर टॉर्चर किया जा रहा है. संगठन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेशी नहीं हुई तो संगठन कड़ी कार्रवाई करेगा, जिससे पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर हालात उत्पन्न हो सकते हैं.

नक्सली संगठन टीएसपीसी की इस धमकी के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. वहीं इसके मद्देनजर पुलिस और सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ा दी है. नक्सलियों की इस धमकी ने पुलिस महकमे की चिंता बढ़ा दी है.
टीएसपीसी संगठन के रीजनल कमांडर मंजीत ने अपने पत्र में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पांच दिन पहले गिरफ्तार किए गए आक्रमण जी उर्फ रविंद्र गंझू उर्फ राम विनायक सिंह भोक्ता को पुलिस लगातार टॉर्चर कर रही है. प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है कि अगर जल्द से जल्द गिरफ्तार नक्सलियों को न्यायालय में पेश नहीं किया गया तो पुलिस को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
नक्सली संगठन ने अपनी धमकी में यह भी साफ कर दिया है कि अगर पुलिस ने इस चेतावनी को नजरअंदाज किया तो टीएसपीसी संगठन पूरे क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत करेगा और पुलिस को झारखंड में दोबारा पैर जमाने नहीं देगा.
इस प्रेस रिलीज में नक्सलियों ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि अगर उनकी शर्तें पूरी नहीं हुईं तो वे इलाके में चल रहे विकास कार्यों को पूरी तरह बाधित कर देंगे. सड़कों का निर्माण कार्य रोक दिया जाएगा, सरकारी दफ्तरों पर हमले किए जाएंगे और आम जनता में प्रशासन के प्रति आक्रोश फैलाने का प्रयास किया जाएगा. नक्सलियों का दावा है कि झारखंड में एक समय ऐसा भी था जब पुलिस को कदम रखने की जगह तक नहीं थी लेकिन अब हालात बदल गए हैं.
प्रेस रिलीज में कहा गया है कि आज पुलिस आसानी से क्षेत्र में गश्त कर रही है लेकिन प्रशासन ने जल्द से जल्द गिरफ्तार नक्सलियों को अदालत में पेश नहीं किया तो क्षेत्र में पुलिस की गतिविधियों पर रोक लगा दी जाएगी और गंभीर हमले किए जाएंगे.
इस धमकी के बाद चतरा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है. नक्सल प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है.
चतरा एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस बल को अलर्ट मोड में डाल दिया है. सुरक्षा बलों को आदेश दिया गया है कि वे किसी भी नक्सली गतिविधि को दबाने के लिए कड़ी कार्रवाई करने से पीछे न हटें. झारखंड पुलिस पहले भी नक्सलियों के कई हमलों को झेल चुकी है और प्रशासन इस बार किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहती.
सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है. अब यह देखना होगा कि पुलिस इस नक्सली चुनौती का जवाब कैसे देती है.
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