नेशनल स्पोर्ट्स डे : लखनऊ को बनाया खेल की राजधानी, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तराशा, जानिए कौन हैं यूपी के चार 'द्रोणाचार्य'
लखनऊ की पहचान सांस्कृतिक विरासत से है, लेकिन अब खेलों के क्षेत्र में भी राजधानी की तेजी से पहचान बन रही है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 29, 2025 at 6:33 AM IST
लखनऊ : आज (29 अगस्त) हॉकी के जाने-माने खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती है. मेजर ध्यानचंद झांसी के रहने वाले थे. उनकी जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर खेल के क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया जाता है. उत्तर प्रदेश की राजधानी, न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी यह शहर तेजी से अपनी पहचान बन रही है.
इस उपलब्धि के पीछे ऐसे खेल प्रशिक्षक और प्रशासक हैं, जिन्हें आधुनिक द्रोणाचार्य कहा जा सकता है. हॉकी में डॉ. आरपी सिंह, क्रिकेट में ज्ञानेंद्र पांडेय और गोपाल सिंह, जूडो में मुनव्वर अंजार ने लखनऊ को खेलों का हब बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इन कोचों और प्रशासकों ने न केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने के लिए प्रेरित भी किया.
लखनऊ अब क्रिकेट, हॉकी, जूडो जैसे खेलों का हब बन चुका है. इकाना स्पोर्ट्स सिटी, केडी सिंह बाबू स्टेडियम और साई सेंटर जैसे विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर ने इन कोचों के प्रयासों को और मजबूती दी. इनके मार्गदर्शन में मुमताज खान जैसी हॉकी खिलाड़ी भी उभरीं, जो 2025 महिला एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. इन शख्सियतों ने न केवल खिलाड़ियों को तराशा, बल्कि लखनऊ को खेलों की दुनिया में एक नई पहचान दी.

डॉ. आरपी सिंह: हॉकी के प्रेरक गुरु
डॉ. आरपी सिंह, उत्तर प्रदेश के खेल निदेशक और हॉकी इंडिया के मुख्य चयनकर्ता है. भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रहे हैं. 1986 के सियोल एशियाई खेलों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. आरपी सिंह ने लखनऊ को हॉकी का गढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके मार्गदर्शन में राजकुमार पाल और ललित उपाध्याय जैसे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरे.
राजकुमार पाल ने 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम में अहम भूमिका निभाई, जबकि ललित उपाध्याय को 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के बाद यूपी पुलिस में डीएसपी का पद मिला. डॉ. आरपी सिंह के नेतृत्व में केडी सिंह बाबू स्टेडियम और साई सेंटर हॉकी प्रशिक्षण के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हुए हैं. आरपी सिंह ने बताया कि मैं अपनी नहीं खिलाड़ियों की तारीफ करता हूं. उत्तर प्रदेश की हॉकी इस समय भारत में चमक रही है. सीनियर, जूनियर, सब जूनियर तीनों वर्गों में हम या तो चैंपियन है या उपविजेता हैं.

ज्ञानेंद्र पांडेय: क्रिकेट के बड़े स्तंभ
ज्ञानेंद्र पांडेय लखनऊ के प्रसिद्ध क्रिकेट कोच हैं. शहर के क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. ज्ञानेंद्र पांडेय की कोचिंग शैली तकनीकी कौशल के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता पर केंद्रित है. गोरखपुर आईपीएल के वह हेड कोच हैं. भारतीय अंदर-19 क्रिकेट टीम भारतीय टीम के सहायक कोच के तौर पर उन्होंने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उत्तर प्रदेश के रणजी टीम की भी कोचिंग उन्होंने की. उत्तर प्रदेश की रणजी टीम की कोचिंग में भी उन्होंने अनेक प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे किया.

गोपाल सिंह: एलडीए स्टेडियम का सितारा
एलडीए स्टेडियम के हेड कोच गोपाल सिंह ने क्रिकेट के क्षेत्र में लखनऊ की प्रतिभाओं को तराशने में अहम भूमिका निभाई. उनकी कड़ी मेहनत और तकनीकी विशेषज्ञता ने कई युवा खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी और अन्य राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में जगह दिलाई. गोपाल सिंह की कोचिंग में खिलाड़ी न केवल तकनीक सीखते हैं, बल्कि अनुशासन और खेल भावना को भी आत्मसात करते हैं. उनकी देखरेख में एलडीए स्टेडियम लखनऊ का क्रिकेट प्रशिक्षण केंद्र बन गया, जहां युवा खिलाड़ी अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं.
गोपाल सिंह ने बताया कि इस समय यूपी T 20 लीग में उनके कोचिंग सेंटर के अक्षयदीप नाथ और जीशान अंसारी खेल रहे हैं. इसके अलावा रणजी टीम में शामिल रहे मनोज रावत और हिमांशु असनुरा भी उनकी खोज रहे. अक्षयदीप नाथ और जीशान अंसारी को भारतीय अंदर-19 टीम में भी मौका मिला है. दोनों ही विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे.

मुनव्वर अंजार: जूडो का मजबूत आधार
जूडो के अंतरराष्ट्रीय रेफरी और कोच मुनव्वर अंजार ने लखनऊ में मार्शल आर्ट को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके प्रशिक्षण में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते. अंजार की कोचिंग शैली में तकनीक के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक संतुलन पर जोर दिया जाता है. उनके मार्गदर्शन में लखनऊ और उत्तर प्रदेश के जूडो खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया. जापान के राजदूत ओनो केइची ने भी लखनऊ में जूडो और पैरा-जूडो के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की.

