DU में रद्द ST प्रमाणपत्र से प्रवेश का मामला, FIR दर्ज; राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने दिए कार्रवाई के आदेश
पुलिस अभी इस पूरे प्रकरण में बहुत जल्द ही बड़ी कार्रवाई कर सकती है.

Published : September 29, 2025 at 4:47 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में रद्द किए गए अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाणपत्र का प्रयोग कर प्रवेश लेने के मामले में अब कार्रवाई तेज हो गई है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस पूरे मामले में संज्ञान लिया है. इसी बीच दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली है.
दिल्ली के नॉर्थ जिले के मॉरिस नगर थाने में 28 सितंबर को दर्ज एफआईआर के अनुसार यह अपराध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) व अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(q) के तहत दर्ज किया गया है. एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि दिव्याना ए. लाहन ने रद्द किए गए ST प्रमाणपत्र का उपयोग कर दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जिससे एक वास्तविक अनुसूचित जनजाति उम्मीदवार का अधिकार छिन गया.

शिकायत अधिवक्ता स्वनित चौधरी द्वारा दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि दिव्याना लाहन व उनकी मां लीना डोले (असम पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी) ने धोखाधड़ी व झूठे दस्तावेज़ों का उपयोग कर विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया. शिकायत के साथ कई दस्तावेज, न्यायालय के आदेश व प्रमाणपत्र भी पुलिस को सौंपे गए हैं.
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच एसीपी (डीआईयू/नॉर्थ जिला) को सौंपी है. पुलिस के अनुसार यह मामला गंभीर धोखाधड़ी व अनुसूचित जनजाति कोटे के दुरुपयोग से संबंधित है. अब आयोग ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस व संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
ये भी पढ़ें- दिल्ली विश्वविद्यालय को कोर्ट का निर्देश, एडमिशन में स्पोर्ट्स कोटे के लिए अनिवार्य 5 फीसद आरक्षण का पालन करे
ये भी पढ़ें- DTC की 'U-Special' बसें दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेंगी, जानिए क्या है इनकी खासियत

