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रुड़की में वक्फ संशोधन बिल का विरोध, रोजेदारों ने बांधी काली पट्टी, मदरसा एक्शन पर भी भड़के

उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर कार्रवाई का जुमे की नमाज पर दिखा विरोध, काली पट्टी बांधकर वक्फ संशोधन बिल को रोकने की भी उठाई मांग

Muslims Wear Black Armbands During Friday Prayers
काली पट्टी बांधकर रोजेदारों ने पढ़ी नमाज (फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : March 28, 2025 at 5:16 PM IST

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Updated : March 28, 2025 at 6:30 PM IST

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रुडकी: हरिद्वार जिले के रुड़की शहर की प्रमुख जामा मस्जिद के अलावा मदरसा इरफान-उल-उलूम स्थित मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने अलविदा जुमे की नमाज अदा की. जुमे की नमाज के बाद सभी ने देश और प्रदेश की खुशहाली, अमन चैन एवं शांति के साथ ही कौम की तरक्की की दुआएं मांगी. हालांकि, ज्यादातर जगहों पर जुमे की नमाज में सभी नमाजी अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद पहुंचे. जहां उन्होंने सरकार की तरफ से अवैध मदरसों पर कार्रवाई का विरोध किया. साथ ही वक्फ बोर्ड कानून में जो संशोधन लाया जा रहा है, उसको भी गलत ठहराया है.

बता दें कि रुड़की और आसपास की जामा मस्जिदों में मौलानाओं ने रमजान उल मुबारक और रमजान के पवित्र महीने के जुमे के नमाज की विशेषता बताई. ग्रीन पार्क कॉलोनी की जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अकरम ने अपने बयान में कहा कि रोजा इंसान को तमाम बुराइयों से बचाता है. अगर इंसान सिर्फ अपनी कमियां देख कर उन्हें दूर करने की कोशिश करे तो दुनिया से बुराइयां खुद-ब-खुद खत्म हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि रमजान माह में हमें रोजा, नमाज और दूसरी इबादतों के साथ ही गरीब एवं मिसकिनों की भी दिल खोलकर मदद करनी चाहिए.

अलविदा जुमे पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे रोजेदार (वीडियो- ETV Bharat)

रोजा और नमाज करने पर रोजेदार को रहमतों व बरकतों से नवाजता है अल्लाह: फितरा-जकात ईद की नमाज से पहले अदा कर देना चाहिए. उन्होंने बताया कि इस बार फितरे की रकम मौजूदा रेट के हिसाब से 50 रुपए के करीब बनती है. मुफ्ती अकरम ने कहा कि रमजान में रोजेदार अल्लाह के नजदीक आने की कोशिश में भूख-प्यास समेत अपनी तमाम इच्छाओं को रोक देता है, इस बदले में अल्लाह अपने रोजेदार बंदे के बेहद करीब आकर उसे रहमतों और बरकतों से नवाजता है.

Muslims Wear Black Armbands During Friday Prayers
रुड़की में नमाजी (फोटो- ETV Bharat)

काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने पहुंचे नमाजी: वहीं, अलविदा जुमे की नमाज पढ़ने के लिए जब लोग मस्जिदों में पहुंचे तो ज्यादातर जगहों पर अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे. जब ईटीवी भारत ने मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अकरम से इसकी जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से वक्फ कानून में संशोधन को लेकर लाए जा रहे बिल और मदरसों को जबरन बंद करने के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध किया जा रहा है.

Muslims Wear Black Armbands During Friday Prayers
काली पट्टी बांधकर वक्फ संशोधन बिल का विरोध (फोटो- ETV Bharat)

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का किया विरोध: उन्होंने कहा कि सरकार जो मदरसों पर कार्रवाई कर रही है, वो पूरी तरह से गलत है. इसके अलावा वक्फ बोर्ड कानून में जो संशोधन लाया जा रहा है, वो भी पूरी तरह से गलत है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अभी तो काली पट्टी बांधकर विरोध किया जा रहा है. अगर सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेगी तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा. सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा. इसके लिए चाहे जेल भी जाना पड़े, पीछे नहीं हटेंगे. गौर हो कि उत्तराखंड सरकार के मुताबिक राज्य में करीब 500 अवैध मदरसे चल रहे हैं. अब तक 136 अवैध मदरसे सील किए जा चुके हैं.

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Last Updated : March 28, 2025 at 6:30 PM IST