राजधानी में कचरे से बिजली बनाने का काम शुरू, 900 टन कचरे से 230 मेगावाट बिजली का उत्पादन
नगर निगम की ओर से कचरे से बिजली बनाने का काम शुरू हो गया. 900 टन कचरे से 230 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है.

Published : March 7, 2025 at 11:13 AM IST
|Updated : March 7, 2025 at 12:13 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर में कचरे से बिजली बनाने का काम शुरू हो गया है. बीते डेढ़ दशक से नगर निगम की ओर से इस वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर काम किया जा रहा था. अब इस प्लांट को शुरू कर दिया गया है. इससे हर दिन 900 टन कचरे से 230 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है.
जयपुर के लांगड़ियावास में निगम प्रशासन की ओर से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट शुरू कर दिया गया है. हेरिटेज नगर निगम के आयुक्त और स्मार्ट सिटी के सीईओ अरुण कुमार हसीजा ने बताया कि प्लांट की क्षमता 288 मेगावाट प्रतिदिन है. फिलहाल, इससे 230 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है. जल्द प्लांट पूरी क्षमता से बिजली बना सकेगा. यहां से जयपुर डिस्कॉम को 7.31 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बेची जाएगी. उन्होंने बताया कि हाल ही में जयपुर में संपन्न हुई 3 आर और सर्कुलर इकोनॉमी समिट में आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भी इसका दौरा किया था. इस प्रोजेक्ट की सरहाना भी की.
महापौर कुसुम यादव ने बताया कि इस प्लांट से निकलने वाले पानी को भी साफ कर पेड़-पौधों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. यानी कि इस मल्टीपरपज प्रोजेक्ट से बिजली और पानी मिलने के साथ-साथ आमदनी भी हो रही है. इस रेवेन्यू को निगम के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा. वहीं उन्होंने बताया कि कचरा निस्तारण करने के लिए यहां एमआरएफ प्लांट का काम भी चल रहा है. इसकी क्षमता 300 टन प्रतिदिन की होगी और अप्रैल में इसका काम भी पूरा हो जाएगा. इसी तरह का एक प्लांट 350 टन कचरे को नियमित निस्तारित भी कर रहा है. यहां कचरे के छंटनी के बाद ईंधन के रूप में सीमेंट फैक्ट्री में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं सीएंडडी वेस्ट प्लांट का काम भी शुरू हो गया है. जहां 200 टन क्षमता के प्लांट में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन मटेरियल का निस्तारण किया जा रहा है. इसे रीसायकल कर ईंटें, बजरी, गिट्टी, टाइल्स और ब्लॉक बनाए जा रहे हैं.


वेस्ट टू एनर्जी प्लांट एक ,फायदे अनेक
- कचरे का निस्तारण, बिजली जनरेट और मिल रहा ट्रीटेड वॉटर
- फिलहाल बन रही 900 टन कचरा से 230 मेगावाट बिजली
- वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की 288 मेगावाट प्रतिदिन की है क्षमता
- जयपुर डिस्कॉम को 7.31 रुपए प्रति यूनिट बेची जा रही बिजली
- प्लांट से निकलने वाले पानी को भी किया जा रहा ट्रीट
- ट्रीटेड वॉटर को फिलहाल पेड़ पौधों की सिंचाई के लिए किया जा रहा इस्तेमाल


