ETV Bharat / state

एक ही कमरे में पढ़ते हैं 1 से 5 क्लास तक के सभी बच्चे, वजह जानकर माथा पीट लेंगे आप!

प्राथमिक विद्यालय मोहिउद्दीन चक में शिक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है. कई कमरे होने पर भी पांच कक्षाएं एक साथ चल रही हैं.

MOHIUDDIN CHAK PRIMARY SCHOOL
मसौढ़ी का उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 8, 2025 at 5:34 PM IST

|

Updated : May 8, 2025 at 5:41 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना: कमरे के अभाव में पांच कक्षाएं एक ही कमरे में चलते हुए आपने देखा और सुना होगा, लेकिन राजधानी पटना अंतर्गत आने वाले मसौढ़ी प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मोहिद्दीन चक में मामला पूरा उल्टा है. दरअसल यहां पर कमरों का अभाव नहीं है, फिर भी एक ही कमरे में नौनिहालों को बैठाकर पांच कक्षाएं संचालित की जा रही हैं.

एक ही कमरें में पांच कक्षाओं की पढ़ाई: उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मोहिद्दीन चक में दो बिल्डिंग में पांच कमरों का निर्माण किया गया है, लेकिन एक ही कमरे में चार शिक्षक पांच कक्षाओं के नौनिहालों को पढ़ाते नजर आए. एक ही कमरे में पांच कक्षाएं संचालित होने पर इन सभी बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

स्कूल में एक साथ चल रहीं पांच कक्षाएं (ETV Bharat)

''सभी छात्र-छात्राएं मध्याह्न भोजन खाकर भाग जाते हैं, जबकि विद्यालय में गेट भी बंद रहता है, इसलिए एक ही कमरे में सभी बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है''. अब्दुल रहमान, प्रधानाध्यापक

Mohiuddin Chak Primary School
प्राथमिक विद्यालय मोहिउद्दीन चक (ETV Bharat)

स्कूल में 68 नामांकित बच्चे: बता दें कि विद्यालय में कुल 68 नामांकित बच्चे हैं, जो कक्षा एक से लेकर कक्षा पांचवीं तक पढ़ाई करते हैं. इन सभी नौनिहालों को एक ही कमरे में पढ़ाया जाता है. बहरहाल इन छात्र-छात्राओं की परेशानी इन शिक्षकों को समझ में नहीं आएगी, क्योंकि उन्हें बस सिर्फ अपनी ड्यूटी पूरी करने से मतलब है.

Mohiuddin Chak Primary School
बच्चों को पढ़ाई करने में होती है परेशानी (ETV Bharat)

''पढ़ने में बहुत परेशानी होती है, जब कक्षा एक और दो को रटवाया जाता है तो काफी शोरगुल होता है. ऐसे में हम सब लोग कुछ लिख पढ़ नहीं सकते हैं. छात्राएं

Mohiuddin Chak Primary School
एक साथ पढ़ते हैं कक्षा एक से लेकर कक्षा पांचवीं तक के बच्चे (ETV Bharat)

''यह प्रधान शिक्षक की गलती है.अगर विद्यालय में पर्याप्त कमरे हैं,तो सभी कमरे में जितने बच्चे आते हैं, उतना ही पठन-पाठन करवाना चाहिए, ताकि अन्य कक्षाओं के बच्चों को परेशानी ना हो .आज ही उन्हें स्पष्टीकरण भेजा जा रहा है''. राजेंद्र ठाकुर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

ये भी पढ़ें-

Last Updated : May 8, 2025 at 5:41 PM IST