बिहार में मुहर्रम पर पुलिस की पैनी नजर, डीजे पर रोक, कुछ भी गड़बड़ किये तो बख्शे नहीं जाएंगे
बिहार में मुहर्रम को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं. गड़बड़ करने वालों पर पुलिस रख रही नजर. पढ़ें पूरी खबर

Published : July 4, 2025 at 7:26 PM IST
पटना: पुलिस की निगरानी में इस बार बिहार में मुहर्रम पर जुलूस निकाला जाएगा. इसके साथ ही डीजे पर पूरी तरह रोक रहेगी.जुलूस के दौरान अगर भड़काऊ नारे और झांकी निकाली गई तो पुलिस कार्रवाई करेगी. डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बिना लाइसेंस के जुलूस की अनुमति नहीं.
बिहार में मुहर्रम: मुहर्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट किया है. खासकर उन जिलों में जहां पिछले साल सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई थी, वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है.
पिछले साल की घटनाओं से सबक: 2024 में नालंदा, पूर्णिया, कटिहार, नवादा, खगड़िया, मधुबनी, शिवहर, पटना, मधेपुरा, सारण, मुंगेर और अररिया में मुहर्रम के दौरान छिटपुट झड़पें हुई थी. उन्हें ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
संवेदनशील जिले चिह्नित: प्रशासन ने सीतामढ़ी, कटिहार, सिवान, गोपालगंज, पूर्णिया, भागलपुर, बांका, नालंदा, मुजफ्फरपुर, अररिया, जहानाबाद, औरंगाबाद, दरभंगा, मधुबनी, मधेपुरा, रोहतास और पटना को संवेदनशील जिलों की सूची में रखा है.यहां अतिरिक्त फोर्स, सीसीटीवी निगरानी, और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की जा रही है.

"बिहार में मुहर्रम को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए हैं. पुलिस मुख्यालय की ओर से पूरे राज्य में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बल की कंपनियों को तैनात किया गया है. संवेदनशील इलाकों में दंडाधिकारियों को भी प्रतिनियुक्त किया गया है. शांति भंग करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा" -विनय कुमार, डीजीपी
6 और 7 जुलाई को मुहर्रम: बिहार मुहर्रम का पर्व इस बार 6 और 7 जुलाई को मनाया जाएगा.इस अवसर पर राज्यभर में 13,719 ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे.पिछले साल की तुलना में इस बार जुलूसों की संख्या में वृद्धि हुई है.2024 में कुल 12,886 ताजिया जुलूस निकले थे.
पुलिस मुख्यालय के निर्देश
जबरन चंदा वसूली पर प्रतिबंध, दोषियों पर कार्रवाई
शांति समिति की बैठकें थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर अनिवार्य
जुलूस मार्गों का सत्यापन, किसी भी बाधा को पहले ही दूर किया जाए
धार्मिक स्थलों के पास विशेष निगरानी
सोशल मीडिया पर कड़ी नजर, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
पूर्व में विवादों में शामिल लोगों की निगरानी
हर जुलूस की वीडियोग्राफी अनिवार्य
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से राज्य स्तर पर 24 घंटे निगरानी

सख्त कार्रवाई होगी: बिहार के एडीजी पंकज कुमार दराद ने मुहर्रम पर्व को लेकर पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट संदेश दिया कि इस दौरान शांति, सामंजस्य और नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए. उन्होंने बिना अनुमति के जुलूस निकालने, निर्धारित मार्ग से भटकने, भड़काऊ नारों, पोस्टरों या झांकियों के उपयोग और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर सख्त रोक लगाई.
" मुहर्रम के अवसर पर शांति बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों.भड़काऊ नारे, पोस्टर और सोशल मीडिया गतिविधियों से परहेज करें." -पंकज दराद, ADG (कानून-व्यवस्था)

जुलूस में छोटे बच्चों को न ले जाएं: उन्होंने माता-पिता से यह भी अपील की गई कि जुलूस में छोटे बच्चों को साथ न ले जाएं, और किसी भी असामान्य घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को दें. सरकार एवं पुलिस प्रशासन ने मुहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने व त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारी पूरी कर ली है.
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