मध्य प्रदेश में 11 हजार लोगों को सांप ने काटा, 108 की चौंकाने वाली रिपोर्ट
मध्य प्रदेश में आई सांप काटने की चौंकाने वाली रिपोर्ट, पढ़िए सर्पदंश के बाद क्या करें और क्या न करें.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 18, 2025 at 2:39 PM IST
भोपाल: बारिश की शुरुआत होते ही प्रदेश में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं. मध्य प्रदेश में अकेले जून महीने में ही सर्पदंश की 4 हजार से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी है. यानि बारिश शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब 125 लोगों को सांप काट रहा है. दरअसल, सर्पदंश की घटनाओं को लेकर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 108 एंबुलेंस प्रदाता कंपनी द्वारा एक सर्वे कराया गया था. इसमें साल 2024 और साल 2025 में अब तक हुई घटनाओं की रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए.
रीवा-सागर में सबसे अधिक सर्पदंश के मामले
मध्य प्रदेश में 1 जनवरी से जून महीने तक 4,205 सर्पदंश की घटनाएं हो चुकी हैं. इनमें सबसे अधिक घटनाएं सागर और रीवा जिले में हुई. सागर में जहां 311 लोगों को सांप ने काटा, वहीं रीवा में 30 जून तक 223 लोगों को सांप ने काटा है. इसी प्रकार बैतूल में 144, छतरपुर में 104, छिंदवाड़ा में 151, दमोह में 163, ग्वालियर में 146, जबलपुर में 137, कटनी में 179, सतना में 111, सीधी में 102, टीकमगढ़ में 128 और विदिशा में सर्पदंश की 113 घटनाएं सामने आई. इन लोगों तक एंबुलेंस पहुंची और उन्हें उपचार के लिए प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया.

साल 2024 में सर्पदंश की 11,302 घटनाएं
108 एंबुलेंस द्वारा जारी रिपोर्ट में साल 2024 के आंकड़े भी पेश किए गए हैं. इसमें बताया गया है कि साल 2024 में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 11,302 सर्पदंश की घटनाएं 108 एंबुलेंस के कॉल सेंटर पर पहुंची. इनमें सबसे अधिक सर्पदंश की घटनाएं जून से अक्टूबर तक सामने आई. जून 2024 में 1198, जुलाई 2024 में 1617, अगस्त 2024 में 1195, सितंबर 2024 में 1152 और अक्टूबर में 1101 लोगों को सांप ने काटा. वहीं यदि जून 2024 से जून 2025 की तुलना की जाए, तो सर्पदंश के मामलों में कमी आई है. जून 2024 की अपेक्षा जून 2025 में 49 घटनाएं कम दर्ज की गई.

सांप काटने पर अस्पताल ले जाना जरूरी
भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि "लोगों को सर्पदंश के उपचार एवं प्रबंधन की जानकारी होना बहुत जरूरी है. यदि किसी को सांप ने काट लिया है, तो पीड़ित को सबसे पहले धीरज दिलाएं. मरीज को स्थिर रखें, घाव को पानी से धोएं. घाव को साफ कपड़े से ढक दें. कपड़े ढीले कर दें, अगर कुछ गहने-आभूषण पहने हो तो निकाल दें. हिलने-डुलने नहीं दें, घाव के ऊपर और नीचे टोनिरकेट नहीं लगाएं. साथ ही तुरंत अस्पताल ले जाएं."

ये नहीं करना चाहिए सर्पदंश में
108 के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार का कहना है कि "सर्पदंश होने पर व्यक्ति को बेहोश नहीं होने देना चाहिए. मरीज की झाड़-फूंक नहीं करवाएं. जहां सांप ने डसा है, उस जगह पर न तो चीरा लगाएं और न ही जहर चूसे. काटने वाली जगह पर रूमाल, कपड़ा, रस्सी जैसा कुछ न बांधें. दर्द कम करने के लिए पेन किलर या अल्कोहल जैसी चीजें बिल्कुल नहीं दें."
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मध्य प्रदेश में 40 प्रजातियों के सांप
दुनियाभर में सांपों की 3,500 प्रजातियां हैं. इनमें से मध्य प्रदेश में मुख्यतः 40 प्रजातियों के सांप मिलते हैं. इनमें कोबरा, वाइपर, करैत, रैट स्नेक, वाटर स्नेक, सैंड बोआ, पायथन और रेसर समेत अन्य प्रजातियों के सांप शामिल हैं. हालांकि इन 40 प्रजातियों में से केवल कोबरा, करैत और रसेल वाइपर जैसे सांप ही खतरनाक प्रजाति के हैं.

