मंत्री इरफान अंसारी को झटका, सशरीर उपस्थिति से छूट की मांग वाली याचिका कोर्ट ने की खारिज
भाजपा नेता राफिया नाज द्वारा दायर मुकदमे में मंत्री इरफान अंसारी को झटका लगा है. कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया है.

Published : July 16, 2025 at 10:14 PM IST
रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. इरफान अंसारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. आज रांची की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी सशरीर उपस्थिति से छूट की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. यह मामला भाजपा नेता राफिया नाज द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है.
राफिया नाज के वकील जितेंद्र वर्मा ने बताया कि भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर उनका अपमान करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. राफिया नाज ने यह आरोप डॉ. इरफान अंसारी द्वारा एक निजी समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार में राफिया नाज के पहनावे को लेकर की गई टिप्पणी पर लगाया था, जिसमें तत्कालीन कांग्रेस विधायक रहते हुए इरफान अंसारी ने कई बातें कही थीं.
अधिवक्ता जितेंद्र वर्मा ने बताया कि इसी मामले में आज एमपी-एमएलए कोर्ट के सार्थक शर्मा की विशेष अदालत ने डॉ. इरफान अंसारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सशरीर उपस्थिति से छूट की गुहार लगाई थी. भाजपा प्रवक्ता और योग प्रशिक्षक राफिया नाज ने कोर्ट पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि यह मामला 4 अगस्त 2020 का है, जब डॉ. इरफान अंसारी ने एक निजी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में मेरे पहनावे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
कोर्ट से न्याय मिलने का पूरा भरोसा जताते हुए राफिया नाज ने कहा कि अब इस मामले में आगे सुनवाई होगी, जिसमें इरफान अंसारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा. गौरतलब है कि कोर्ट ने पीड़िता राफिया नाज की आपराधिक मानहानि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डॉ. इरफान अंसारी को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया था, जिसके बाद इरफान अंसारी ने सशरीर पेशी से छूट के लिए याचिका दायर की थी. मामले की अगली सुनवाई 31जुलाई को होगी.

