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मध्य प्रदेश के IAS अधिकारियों का रिटायरमेंट प्लान, खेती से बनाएंगे जमीन जायदाद

मध्य प्रदेश की बागडोर सम्हालने वाले IAS अधिकारी किसान बनेंगे, रिटायरमेंट प्लान में खेती से जमीन जायदाद बनाने का पूरा प्लान जानें.

MP IAS OFFICERS BECAME FARMERS
एमपी के कई आईएएस कर रहे खेती किसानी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 27, 2025 at 5:47 PM IST

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Updated : March 27, 2025 at 6:29 PM IST

6 Min Read
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भोपाल(बृजेन्द्र पटैरिया) : मध्य प्रदेश में करीबन 80 लाख से ज्यादा किसान हैं जिनकी रोजी-रोटी का मुख्य जरिया खेती है, लेकिन सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की प्रशासनिक बागडोर संभालने वाले आईएएस अधिकारी भी खेती-किसानी में रूचि रखते हैं. प्रदेश के कई कलेक्टर-कमिश्नर से लेकर कृषि विभाग के प्रशासनिक मुखिया तक ने खेती की जमीन में निवेश किया है. इनमें से ये अधिकारी खेती की जमीन से हर साल आय भी अर्जित कर रहे हैं. प्रदेश में किस-किस आईएएस अधिकारी ने खेती की जमीनी खरीदी जानिए डिटेल.

4 संभागों के कमिश्नर बने किसान

मध्य प्रदेश के 10 संभागों में पदस्थ कमिश्नरों में से 4 कमिश्नर ऐसे हैं, जो किसान भी हैं. इन अधिकारियों ने खेती की जमीन भी खरीदी है. हालांकि कई अधिकारियों को खेती की जमीन विरासत में मिली है.

  • 2007 बैच के आईएएस और इंदौर कमिश्नर दीपक सिंह के पास 28 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन है. 3 हेक्टेयर भूमि शहडोल में खरीदी है, जबकि बाकी पैतृक कृषि भूमि उन्हें शहडोल में प्राप्त हुई है. कृषि भूमि से हर साल साढ़े 12 लाख रुपए की आय होती है.
Indore Commissioner Deepak Singh
इंदौर कमिश्नर दीपक सिंह (ETV Bharat)
  • 2006 बैच के आईएएस अधिकारी और शडहोल कमिश्नर बाबू सिंह जामोद के पास धार में ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि है. हालांकि उन्होंने बताया है कि यह भूमि उन्हें पिता से गिफ्ट में मिली थी. इससे हर साल साढ़े 3 लाख रुपए की आय होती है.
Shadow Commissioner Babu Singh Jamod
शडहोल कमिश्नर बाबू सिंह जामोद (ETV Bharat)
  • 2008 बैच के आईएएस अधिकारी और नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी कृषक भी हैं. उनके पास भोपाल के आमला में 0.203 एकड़ कृषि भूमि है। इसे अधिकारी ने 2012 में खरीदा था, लेकिन इस भूमि से साल में कोई भी आय अर्जित नहीं होती.
Jabalpur Commissioner Abhay Kumar Verma
जबलपुर कमिश्नर अभय कुमार वर्मा (ETV Bharat)
  • 2007 बैच के आईएएस अधिकारी और जबलपुर कमिश्नर अभय कुमार वर्मा ने भी कृषि भूमि खरीदी है. उनके पास रायसेन जिले में 1.618 हेक्टेयर कृषि भूमि है. इससे इन्हें हर साल 80 हजार रुपए की आय होती है.
Agriculture Commissioner Ashok Varnwal
कृषि आयुक्त अशोक वर्णवाल (ETV Bharat)

कृषि विभाग के आयुक्त भी किसान

मध्य प्रदेश के सीनियर आईएएस अशोक वर्णवाल वन विभाग और सहकारिता के एसीएस के अलावा कृषि आयुक्त भी हैं. वे विभाग के प्रशासनिक मुखिया के साथ खेती-किसानी का भी शौक रखते हैं. उन्होंने भोपाल में खेती की जमीन खरीद रखी है. भोपाल के बिसनखेड़ी में 0.402 हेक्टेयर भूमि खरीदी है. इसकी मौजूदा कीमत करीबन 1 करोड़ रुपए है. हालांकि इस भूमि से इन्हें साल भर में कोई भी आय अर्जित नहीं होती है.

Jabalpur Collector Deepak Saxena
जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना (ETV Bharat)

जबलपुर कलेक्टर किराए से कमाते हैं 14 लाख रुपए सालाना

निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कर चर्चाओं में आए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना भी किसान हैं. उनके पास रायसेन जिले में 0.534 हेक्टेयर कृषि भूमि उपलब्ध है. इससे हर साल उन्हें 8 लाख रुपए सालाना की कमाई भी होती है. इसके अलावा अचल संपत्ति के रूप में उनके और पत्नी के नाम रहवासी प्लॉट, डुप्लेक्स हाउस, मकान हैं. इन सबसे उन्हें साल भर में करीबन 14 लाख रुपए की वार्षिक आय हो रही है.

Madhya Pradesh Chief Secretary Anurag Jain
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन (ETV Bharat)

मुख्य सचिव के पास नहीं खेती की जमीन

मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास खेती की जमीन का एक टुकड़ा भी नहीं है. भोपाल के प्रेमपुरा क्षेत्र में 0.05 हेक्टेयर भूमि अनडायवर्टेड भूमि जरूर है. इसके अलावा अचल संपत्ति के रूप में उनके पास नोयडा और जयपुर में फ्लैट और भोपाल के शिवाजी नगर में मकान है.

कई कलेक्टर के पास जमीन-मकान ही नहीं

प्रदेश के कई आईएएस अधिकारी जहां किसान भी हैं वहीं कई जिलों के कलेक्टर ऐसे भी हैं जिनके पास जमीन का एक टुकड़ा भी नहीं है. इसमें 2010 बैच के आईएएस इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह भी हैं. वे कौन बनेगा करोड़पति के कर्मवीर एपिसोड में हॉटशीट पर भी बैठ चुके हैं. उन्होंने इस शो में 12 लाख रुपए जीते थे. डीओपीटी को दी गई वार्षिक जानकारी में बताया कि मध्य प्रदेश और देश में उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है.

  • खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल के पास भी कोई अचल संपत्ति नहीं है. इसके पहले वे बुरहानपुर कलेक्टर, नीमच जिला पंचायत सीईओ और धार में एसडीएम रही हैं. अप्रैल 2023 में वे दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सेवा दिवस के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्मानित हो चुकी हैं.
  • खंडवा कलेक्टर और 2014 बैच के आईएएस ऋषभ गुप्ता के पास भी जमीन का एक टुकड़ा नहीं है. वे पहले देवास कलेक्टर, इंदौर स्मार्ट सिटी में सीईओ रहे हैं. सीईओ रहते कार्बन क्रेडिट फाइनेंसिंग मैकेनिज्म के काम को पुरस्कार मिला था.
  • शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना के पास भी अचल संपत्ति नहीं है. छत्तीसगढ़ मूल निवासी ऋजु नरसिंहपुर कलेक्टर, भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त, सिंगरौली में एडीएम, उज्जैन में एडीएम, जबलपुर में जिला पंचायत सीईओ रह चुकी हैं.
  • मुरैना कलेक्टर और 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अंकित अस्थाना के पास भी कोई अचल संपत्ति नहीं है. वे पहले भोपाल स्मार्ट सिटी में सीईओ, शिवपुरी में एसडीएम भी रहे हैं. उनके मां और पिता दोनों भोपाल में सीनियर डॉक्टर हैं.
  • रीवा कलेक्टर और 2012 बैच की आईएएस अधिकारी प्रतिभा पाल के पास भी अचल संपत्ति नहीं है. रीवा के पहले वे इंदौर नगर निगम कमिश्नर रही हैं.
  • अनूपपुर कलेक्टर और 2015 के आईएएस अधिकारी हर्षल पंचोली के पास भी जमीन का एक टुकड़ा नहीं है. मूलतः उज्जैन के रहने वाले और आईआईटी कानपुर से निकले पंचोली पहले एसडीएम पेटलावाद, टीकमगढ़ और अनूपपुर में जिला पंचायत सीईओ रहे हैं.
  • निवाड़ी कलेक्टर और 2014 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश जांगिड़ के पास भी कोई अचल संपत्ति नहीं है.
  • नरसिंहपुर कलेक्टर और 2014 बैच की आईएएस शीतला पटले के पास भी कोई अचल संपत्ति नहीं है.

ये जानकारी आईएएस अधिकारियों द्वारा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को दी गई है. जिसमें उनकी अचल संपत्ति के विवरण का डिटेल होता है.

Last Updated : March 27, 2025 at 6:29 PM IST