डॉग बाइट के मामलों में रतलाम टॉप पर, मध्य प्रदेश में हुए सर्वे से बढ़ी लोगों की टेंशन
मध्य प्रदेश में डाग बाइट की रिपोर्ट जारी. नेशनल हेल्थ मिशन ने 6 शहरों में डेढ़ साल में कुत्तों के काटने पर किया सर्वे.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 9, 2025 at 8:01 PM IST
|Updated : August 10, 2025 at 1:45 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश में डॉग बाइट को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें सामने आया है कि भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. हालांकि एनएचएम ने केवल प्रमुख 6 शहरों की रिपोर्ट जारी की है. इसके अनुसार भोपाल में डॉग बाइट्स के मामलों में अप्रत्याशित कमी आई है और इसलिए भोपाल अब इस मामले में प्रदेश में 6वें पायदान पर पहुंच गया है.
बता दें कि यह रैंकिंग आबादी और डॉग बाइट्स दोनों के आंकड़ों के प्रतिशत के आधार पर की गई है. यदि आबादी और प्रतिशत को छोड़ दिया जाए तो सबसे ज्यादा डॉग बाइट्स के मामले इंदौर में सामने आए हैं.
इन 6 शहरों में डेढ़ साल के डाटा का सर्वे
बता दें कि नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम शहर शामिल थे. दरअसल भारत सरकार रेबीज फ्री सिटी 2030 कार्यक्रम चला रहा है. इस कार्यक्रम के तहत नेशनल हेल्थ मिशन ने डॉग बाइट्स के मामले का सर्वे किया था. बीते साल 2024 और इस साल जनवरी से जून 2025 तक यानि डेढ़ साल की अवधि में इन शहरों की आबादी और प्रतिमाह कुत्ते के काटने के मामलों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है.
टॉप 6 शहरों में डॉग बाइट्स के मामले
रतलाम - 2 लाख 65 हजार आबादी, साल 2024 में 13444 केस, 5.1 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 6783 घटनाएं, पहली रैंक
उज्जैन - 7 लाख आबादी, 2024 में 19949 केस, 2.8 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 10296 घटनाएं, दूसरी रैंक
इंदौर - 31 लाख आबादी, 2024 में 52508 केस, 1.9 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 30304 घटनाएं, तीसरी रैंक

ग्वालियर - 16 लाख आबादी, साल 2024 में 25065 केस, 1.6 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 11902 घटनाएं, चौथी रैंक
जबलपुर - 15 लाख आबादी, 2024 में 18176 केस, 1.2 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 13619 घटनाएं, पांचवीं रैंक
भोपाल - 25 लाख आबादी, साल 2024 में 19285 केस यानि 0.8 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 10769 घटनाएं, छठवीं रैंक

डॉग बाइट्स के मामलों में 0.1 फीसदी की कमी
इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में भोपाल में कुल 19 हजार 285 डॉग बाइट्स के मामले दर्ज किए गए थे. जिसका औसत 0.8 प्रतिशत रहा. वहीं एक जनवरी से 30 जून 2025 तक की स्थिति में पहले 6 माही में यह प्रतिशत मात्र 0.07 प्रतिशत था. इसी छमाही रिपोर्ट के हवाले से नगर निगम भोपाल का दावा है कि भोपाल में सबसे कम डॉग बाइट्स के मामले रिपोर्ट किए गए. हालांकि अभी साल खत्म होने में समय और अगले छमाही की रिपोर्ट आना बाकी है.

रतलाम में डॉग बाइट्स का प्रतिशत सबसे अधिक
नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट के अनुसार रतलाम में सर्वाधिक डॉग बाइट्स के मामले सामने आए हैं. यहां बीते डेढ़ साल में 20 हजार से अधिक लोगों को कुत्तों ने काटा है. वहीं उज्जैन दूसरे स्थान पर, इंदौर तीसरे स्थान पर, ग्वालियर चौथे स्थान पर और जबलपुर पांचवे स्थान पर है. जबकि भोपाल में सबसे कम मामले दर्ज हुए और इस तालिका में भोपाल का नाम छठवें स्थान पर है.

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निगम का दावा, हर साल 22 हजार कुत्तों की नसबंदी
नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण ने बताया कि "रेबीज मुक्त शहर-2030 के तहत भोपाल नगर निगम ने कार्य योजना बनाकर भारत सरकार को भेजी है. वर्तमान में भोपाल ही ऐसा शहर है, जहां से इस प्रकार की कार्य योजना भारत सरकार को भेजी गई है. रेबीज मुक्त शहर बनाने की दिशा में निगम शहर में 3 एबीसी सेंटर्स चला रहा है. वहीं लगभग 22 हजार कुत्तों का नसबंदी ऑपरेशन हर साल किया जा रहा है."

