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तपोवन से कुंजापुरी रोपवे की तकनीकी परामर्श के लिए निजी कंपनी से होगा एमओयू, कैबिनेट से मिली मंजूरी

उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार रोपवे परियोजनाओं को बढ़ावा देने में जुटी है.

Tapovan to Kunjapuri ropeway
तपोवन से कुंजापुरी रोपवे (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 17, 2025 at 11:43 AM IST

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देहरादून: राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों व पर्यटकों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए सरकार रोपवे परियोजनाओं के निर्माण पर जोर दे रही है. जिसके चलते राज्य में रोपवे परियोजना के निर्माण के लिए तकनीकी परामर्शदाता के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया है. जिसके तहत तपोवन (ऋषिकेश) से कुंजापुरी रोपवे परियोजना की तकनीकी, ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए निजी कंपनी बर्थोलेट के साथ एमओयू किया जाएगा.

तपोवन से कुंजापुरी रोपवे की तकनीकी परामर्श के लिए बर्थोलेट कंपनी ने सहमति जता दी है. ऐसे में मूल उपकरण निर्माता बर्थोलेट, राज्य के तकनीकी परामर्शदाता के रूप में एमओयू के तहत खुद के खर्च पर तकनीकी आर्थिक अध्ययन कर डीपीआर तैयार करेगी. राज्य में चिन्हित रोपवे परियोजनाओं में से फर्म बर्थोलेट को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में तपोवन (ऋषिकेश) से कुंजापुरी (नरेन्द्रनगर) रोपवे परियोजना के लिए राज्य सरकार के तकनीकी परामर्शदाता के रूप में एमओयू साइन करने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने दे दी है.

तपोवन से कुंजापुरी रोपवे में होगा एमओयू साइन (Video-ETV Bharat)

इसके साथ ही धामी मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि राज्य में रोपवे परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए उत्तराखंड रोपवेज डेवलपमेंट लिमिटेड (Uttarakhand Ropeways Development Limited) का गठन किया जाएगा. पर्यटन विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से राज्य में चिन्हित सभी रोपवे परियोजनाओं को विकसित किए जाने के लिए एनएचएलएमएल (नेशनल हाइवेज लोजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड) को प्रमोटर के रूप में अधिकृत किया है. ऐसे में पर्यटन विभाग और एनएचएलएमएल, भारत सरकार की ओर से राज्य में परियोजनाओं का क्रियान्वयन निजी निवेशक के जरिए पीपीपी मोड के आधार पर किया जाएगा. रोपवे परियोजनाओं के लिए उत्तराखंड सरकार और एनएचएलएमएल के बीच उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड के गठन का निर्णय लिया गया है.

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