मोहन यादव ने दिखाए सख्त तेवर, रीवा में अवैध कॉलोनी पर सबसे बड़ी कार्रवाई - Rewa Illegal Colony Demolition
मध्य प्रदेश में जर्जर मकानों के गिरने की लगातार हो रही घटनाओं के बाद सीएम ने सख्त रुख अपनाया है. सीएम मोहन यादव के निर्देश पर ऐसे स्थानों को चिन्हित करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा रही है जहां पर हादसा होने के संभावना है. इसके बाद रीवा में 40 एकड़ जमीन पर बन रही अवैध कॉलोनी पर प्रशासन का हथौड़ा चला है.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 6, 2024 at 9:59 AM IST
|Updated : August 6, 2024 at 10:06 AM IST
रीवा : शहर से लगे बीहर नदी के तट पर कराए जा रहे अनेक अवैद्य निर्माणों पर सीएम के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है. सोमवार को दल बल के साथ पहुंची एसडीएम ने नदी तट के करीब 40 एकड़ भूमि में करवाए जा रहे अवैध कलोनी के निर्माण को मौके पर ही तोड़ने के आदेश दे दिए, जिसके बाद प्रशासन का हथौड़ा चल पड़ा.

प्रदेश में अबतक की सबस बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि रविवार को सीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद प्रशासनिक टीमें अलर्ट हुई. सोमवार को रीवा में स्थित बीहर नदी के तट पर हो रहे 40 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य की भनक जिला प्रशासन को लगी. इसके बाद एसडीएम वैशाली जैन के नेतृत्व में एक टीम मौके के लिए रवाना हुई. मौके कर पहुंचकर एसडीएम ने जांच पड़ताल की और अवैध कॉलोनी पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए निर्माण कार्य रोका और जेसीबी से निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई.

इस वजह से हुई कार्रवाई
सीएम के निर्देश के बाद अवैध कॉलोनी पर हुई कार्रवाई से बिल्डरों के बीच हड़कंप मचा हुआ है. सोमवार को प्रशासन ने जिस अवैध कलोनी पर कार्रवाई की है उस कालोनी का निमार्ण शांति रॉयल स्टेट द्वारा कराया जा रहा था. इसके बाद एसडीएम वैशाली जैन मौके पर पहुंची और अवैध कॉलोनीयों को चिन्हित किया गया जिसमें पाया गया कि तालाब के किनारे बिल्डर के द्वारा अवैध तरीके से रोड बनाकर वहां प्लॉटिंग कराई जा रही थी, जिसके कारण भविष्य में घर बन जाने के बाद वहां बड़ा हादसा हो सकता था.

SDM ने लगाई सरपंच सचिव को फटकार
कार्रवाई के दौरान एसडीएम वैशाली जैन ने सरपंच सचिव और इंजीनियर को तत्काल मौके पर बुलवाया. उन्होंने दस्तावेज देखने के बाद सरपंच सचिव को जमकर फटकार लगाई. एसडीएम ने दस्तावेज दिखाते हुए कहा, ''जो तुमने कॉलोनाइजर को परमिशन दिया है, उसका परमिशन जारी करने का तुम्हें कोई अधिकार नहीं है.'' एसडीम ने तत्काल पुलिस को निर्देश दिए कि इनके दस्तावेजों की जांच कर इन्हें थाने में बिठाया जाए.

