चमत्कार!, बिहार में 12 साल बाद घर लौटा युवक, गुजरात से हुआ था लापता
शाहबाजपुर गांव में 12 साल पहले लापता हुआ युवक वापस घर आ गया है. बेटे को देखकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है.

Published : August 17, 2025 at 11:47 AM IST
शिवहर: बिहार के शिवहर में सुनील नाम का व्यक्ति 12 साल बाद स्वतंत्रता दिवस पर घर लौटकर वापस आ गया है. जब परिजनों ने सुनील को देखा तो उनकी आंखों में खुशी और गम के आंसू थे. सभी ने उसे पहचान लिया और भव्य स्वागत किया. वो गुजरात से लापता हो गया था.
2014 में सुनील गया था गुजरात: सुनील डुमरी कटसरी प्रखंड के शाहबाजपुर गांव का निवासी है. वो साल 2014 में रोजगार की तलाश में गुजरात गया था. शुरुआत में उसने परिवार से संपर्क बनाये रखा, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उसका संपर्क टूट गया. जिससे उसकी तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली.
मध्यप्रदेश से चला पता: 11 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के कुछ लोग, जो मध्यप्रदेश के धारा जिले के रामगढ़ में काम कर रहे थे, उन्होंने एक युवक को देखा. युवक को देखने के बाद उससे पूछताछ की गई, तो उसने अपना नाम सुनील बताया. उक्त युवक की बातचीत से लोगों को लगा कि वो थोड़ा मानसिक विक्षिप्त है.
शिवहर मजिस्ट्रेट को दी जानकारी: इसके बाद चंदौली जिले के लोगों ने शिवहर मजिस्ट्रेट को सुनील के संबंध में जानकारी दी. जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने तुरंत थाना प्रभारी का नंबर उपलब्ध कराया और वहां से चौकीदार का नंबर मिला.

होटल में काम करता था सुनील: चौकीदार संतोष लाल के माध्यम से परिवार को पता चला कि सुनील मध्यप्रदेश के इंदौर जाने वाले रास्ते में किसी होटल पर काम कर रहा है. सूचना मिलने के बाद सुनील के पिता रामदेव शाह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता और शिवजी प्रसाद गुप्ता इंदौर के लिए रवाना हुए.
पिता रामदेव शाह ने बेटे को पहचाना: प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी उक्त होटल पहुंचे, तभी सुनील ने अपने पिता को देखा और पहचान लिया और पिता रामदेव शाह के गले लगकर खूब रोया. इसके बाद सुनील को वापस घर लाया गया.

क्या बोले पिता: सुनील के पिता रामदेव शाह ने बताया कि 12 साल बाद हमारा बेटा वापस घर आया है. हमें विश्वास था कि हमारा बेटा एक ना एक दिन जरूर घर लौटकर आएगा और आखिरकार हमारे विश्वास की जीत हुई.
''इन 12 सालों के दौरान तरह-तरह की अफवाहें फैलती रहीं कि सुनील का हाईवे पर एक्सीडेंट हो गया है. या रेलवे फाटक के नीचे आकर उसकी मौत हो गई है, लेकिन मेरे माता-पिता ने कभी विश्वास नहीं खोया''. -जयप्रकाश, सुनील का भाई
क्या बोला भाई?: सुनील के बड़े भाई जयप्रकाश ने बताया कि साल 2014 के दिसंबर में कुछ ग्रामीण रोजगार की तलाश में गुजरात और महाराष्ट्र गए थे. सुनील भी उनके साथ गया था. शुरुआत में वो परिवार से संपर्क में रहा, लेकिन 6-7 महीनों के बाद उसका कोई अता-पता नहीं चला.

''गुजरात में मुझे कुछ लोगों ने बहुत प्रताड़ित किया था, क्योंकि मैं थोड़ा मानसिक विक्षिप्त हूं''. -सुनील
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