कैमूर में पिकनिक मनाने गए 11 सैलानी जलप्रपात में फंसे, बारिश के बीच 16 घंटे टापू पर कटी रात - Kaimur Waterfall Inccident
Waterfall Inccident In Kaimur: बिहार के कैमूर में जलप्रपात में 11 युवक फंस गए. सभी पिकनिक मनाने के लिए गए थे. इसी दौरान पानी की धारा तेज हो गयी. युवक ने किसी तरह टापू पर जाकर जान बचायी. पूरी रात उसी टापू पर फंसे रहे. पढ़ें पूरी खबर.

Published : September 16, 2024 at 10:46 AM IST
|Updated : September 16, 2024 at 12:35 PM IST
कैमूरः बिहार के कैमूर में पिकनिक मनाना 11 युवकों को महंगा पड़ गया. सभी करकटगढ़ जलप्रपात में गए थे. जानकारी के अनुसार पिकनिक मना रहे थे कि इसी दौरान पानी की तेज धार चलने लगी. कई युवक यूपी की ओर भाग गए तो कुछ वहीं बीच टापू पर पेड़ पर चढ़कर जान बचायी. रातभर रेस्क्यू का काम चलता रहा. इसके बाद सोमवार की सुबह सुरक्षित रेस्क्यू किया.
रोहतास के रहने वाले हैं सैलानीः पिकनिक मनाने गए युवकों की पहचान सरोज कुमार, अजीत कुमार, मोहम्मद फिरोज, अरमान अली, निर्भय पांडे, पिंटू चौहान, रोहित कुमार, लाल बाबू सिंह, अरविंद कुमार, वसीम शाही एवं सरोज कुमार के रूप में हुई. सभी सैलानी रोहतास जिले के कोचस गांव निवासी बताए जाते हैं.

तेज धार से रेस्क्यू करना मुश्किलः घटना देर शाम की बतायी ज रही है. सूचना मिलने के तुरंत बाद कैमूर जिला प्रशासन ने चैनपुर पुलिस व एसडीआरएफ टीम को भेजा. बारिश ज्यादा होने के कारण पानी की धार तेज थी. यूपी की ओर से छोड़े गए पानी के कारण लहरें ऊंची उठ रही थी. जिस कारण रेस्क्यू करना मुश्किल लग रहा था. इसके बाद रात के एक बजे एनडीआरएफ को भी मौके पर भेजा गया.

रातभर चला रेस्क्यूः पानी की धार इतनी तेज थी कि बीच टापू से युवक को निकालना मुश्किल था. कैमूर डीएम सावन कुमार, एसपी ललित मोहन शर्मा, डीएफओ चंचल प्रकाशम भी करकतगढ़ पहुंच गए. जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश प्रशासन से छोड़े गए पानी को कम करने के लिए कहा. 40 की संख्या में एसडीआरएफ की टीम पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलाती रही. सोमवार की सुबह सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया. तब जाकर राहत की सांस ली. इस दौरान सभी सैलानी करीब 16 घंटे टापू पर फंसे रहे.
"सभी को सही सलामत बचा लिया गया है. पानी अचानक बढ़ गया, जिससे सैलानी फंस गए. सूचना मिलते ही गोताखोर के माध्यम से सभी को बाहर निकलवाने का प्रयास किया गया था लेकिन पानी की तेज धार होने के कारण रात में संभव नहीं हो सका. 40 एसडीआरएफ और एनडीआरएफ जवान ने सोमवार की सुबह सभी को सुरक्षित निकाला." -विजय कुमार, एसडीएम, भभुआ

जलप्रपात जाने पर रोकः बता दें कि कैमूर जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर चैनपुर थाना से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर करकटगढ़ जलप्रपात है. यह सैलानियों के घूमने के लिए अच्छा जगह है. इसी जगह सभी पिकनिक मनाने के लिए गए थे. इधर हादसे के बाद डीएम ने फिलहाल जलप्रपात पर सैलानियों को जाने से मना कर दिया है.
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