उदयपुर/राजसमंद : मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के मुखिया महेंद्र सिंह मेवाड़ का अनंता मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार को निधन हो गया. महेंद्र सिंह 28 अक्टूबर से अस्पताल में भर्ती थे और पिछले एक वर्ष से बीमार चल रहे थे. निधन के वक्त उनके पुत्र नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी भी अस्पताल में ही मौजूद थीं. एक दिन पहले शनिवार को प्रदेश की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी अस्पताल पहुंच कर महेंद्र सिंह मेवाड़ की कुशलक्षेम पूछी थी. महेंद्र सिंह मेवाड़ की पार्थिव देह को उदयपुर लाया जाएगा, जहां सोमवार को उदयपुर में ही अंतिम संस्कार होगा.
पीएम ने जताया दुख : महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन पर पीम नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "सामाजिक और राजनीतिक जीवन में अमूल्य योगदान देने वाले चित्तौड़गढ़ के पूर्व सांसद और मेवाड़ राजघराने के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. वे जीवनपर्यंत राजस्थान की विरासत को सहेजने और संवारने में जुटे रहे. उन्होंने लोगों की सेवा के लिए पूरे समर्पित भाव से काम किया. समाज कल्याण के उनके कार्य हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे. शोक की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. ओम शांति !"
सामाजिक और राजनीतिक जीवन में अमूल्य योगदान देने वाले चित्तौड़गढ़ के पूर्व सांसद और मेवाड़ राजघराने के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे जीवनपर्यंत राजस्थान की विरासत को सहेजने और संवारने में जुटे रहे। उन्होंने लोगों की सेवा के लिए पूरे समर्पित भाव से…
— Narendra Modi (@narendramodi) November 10, 2024
बता दें कि उदयपुर पूर्व राजपरिवार के मुखिया दिवंगत भगवत सिंह के बड़े पुत्र महेंद्र सिंह मेवाड़ वर्ष 1989 में चित्तौड़गढ़ सांसद भी रह चुके हैं. उनके छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ हैं. उनके इकलौते पुत्र विश्वराज सिंह मेवाड़ अभी नाथद्वारा विधायक हैं, जबकि पुत्रवधू महिमा कुमारी राजसमंद से सांसद हैं. 24 फरवरी 1941 को उदयपुर में जन्मे महेंद्र सिंह मेवाड़ की शादी टिहरी गढ़वाल की राजकुमारी निरुपमा कुमारी से हुई थी. उनका एक बेटा विश्वराज सिंह मेवाड़ व एक पुत्री त्रिविक्रम कुमारी हैं.
इसे भी पढ़ें- राजसमंद के अंतिम स्वतंत्रता सेनानी मदनमोहन सोमटिया पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार
राजसी परंपरा से होगा अंतिम संस्कार : महेंद्र सिंह अभी मेवाड़ परिवार के मुखिया थे. उनका अंतिम संस्कार पूरी राजसी परम्परा के तहत किया जाएगा. अनंता मेडिकल कॉलेज में रविवार अपराह्न कीरब 3 बजे उनका निधन हुआ. उनकी पार्थिव देह को उदयपुर में समोर बाग स्थित आवास पर ले जाया जाएगा.
आदरणीय महाराणा साहब महेंद्र सिंह जी मेवाड़ के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
— Diya Kumari (@KumariDiya) November 10, 2024
ईश्वर, दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिवार को यह वियोग सहन करने की शक्ति दे। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त मेवाड़ परिवार के साथ हैं।
ॐ शांति! pic.twitter.com/HDmP1zssVx
सोमवार को होगा अंतिम संस्कार : महेंद्र सिंह मेवाड़ की अंतिम यात्रा सोमवार दिनांक 11 नवंबर, 2024 को प्रातः 11.00 बजे समोर बाग से प्रारंभ होकर जगदीश चौक, घंटाघर, बड़ा बाजार, भड़भुजा घाटी, देहली गेट होते हुए महासतियां पहुंचेगी. वहीं, अंतिम दर्शन समोर बाग पैलेस में प्रातः 8 से 11 बजे तक किया जा सकेगा.
मुख्यमंत्री ने जताया दुख : महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भजनलाल शर्मा ने शोक व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्त करते हुए लिखा कि "पूर्व सांसद महाराणा श्री महेंद्र सिंह जी मेवाड़ के निधन का समाचार सुनकर मन दुखी है. प्रभु से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करे तथा परिजनों को यह अपार शोक सहन करने का सामर्थ्य प्रदान करे. राजस्थान की उपमुख्यमंत्री व जयपुर पूर्व राजपरिवार की राजकुमारी दीया कुमारी ने सोशल मीडिया पर महेंद्र सिंह मेवाड़ की तस्वीर साझा करते हुए निधन पर दुख व्यक्त किया. साथ ही दिवंगत आत्मा काे श्रीचरण में जगह के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है.
पूर्व सांसद महाराणा श्री महेंद्र सिंह जी मेवाड़ के निधन का समाचार सुनकर मन दुखी हैं।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) November 10, 2024
प्रभु से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को यह अपार शोक सहन करने का सामर्थ्य प्रदान करें।
ॐ शांति pic.twitter.com/dlqmQ4eCW1
महेंद्र सिंह 1989 में बने थे चित्तौड़गढ़ के सांसद : महेंद्र सिंह ने मेवाड़ में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ यात्रा का नेतृत्व किया था और फिर वर्ष 1989 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर चित्तौड़गढ़ के सांसद चुने गए थे. फिर वर्ष 1990 में उद्योग मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य भी बने थे. बाद में कांग्रेस में शामिल हुए और दोबारा चुनाव लड़ा, जिसमें वो चुनाव हार गए. उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से स्नातक किया था. महेंद्र सिंह मेवाड़ वर्ष 1984 में उनके पिता भगवत सिंह के निधन के बाद मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के मुखिया बने थे.