अवैध खनन विवाद पर अब महेंद्र भट्ट की एंट्री, धामी सरकार की बने ढाल, उठाया नया मुद्दा
उत्तराखंड में खनन विवाद पर महेंद्र भट्ट ने धामी सरकार का पक्ष लेते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत पर ही सवाल खड़े किए.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 30, 2025 at 5:53 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में अवैध खनन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया. इस मामले पर अब राजनीति तेज हो गई. हालांकि, मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तो कुछ नहीं कहा. लेकिन अब महेंद्र भट्ट, त्रिवेंद्र के बयानों को दरकिनार कर धामी सरकार के पक्ष में खुलकर सामने आ गए हैं.
उत्तराखंड में अवैध खनन हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है और राजनीतिक रूप से कई बार यह मामला सरकार के गले की फांस भी बना है.. इस बार राज्य में अवैध खनन को लेकर सवाल खड़ा करने के लिए खुद भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत सामने आए हैं.. त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा में अवैध खनन का मामला उठाकर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है.. बड़ी बात यह है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस बयान को लेकर उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने भी खुलकर अपनी राय रखी है..
त्रिवेंद्र को दरकिनार कर धामी सरकार की ढाल बन महेंद्र भट्ट: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा में अवैध खनन को लेकर जो बात कही, उसके खिलाफ महेंद्र भट्ट खुलकर बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं. उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने त्रिवेंद्र सिंह रावत की बात को काटते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में अवैध खनन नहीं हो रहा. बल्कि सरकार ने खनन के माध्यम से राजस्व बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है. महेंद्र भट्ट ने कहा कि जब राजस्व बढ़ता है तो इसका मतलब खनन को लेकर बेहतर प्रबंधन होता है न कि अवैध खनन.
पूर्व की त्रिवेंद्र सरकार पर सवाल: महेंद्र भट्ट ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राज्य में खनन के माध्यम से राजस्व की प्राप्ति कई गुना तक बढ़ चुकी है. इस तरह उन्होंने न केवल त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयानों को गलत ठहरा दिया है. बल्कि राजस्व प्राप्ति में कई गुना बढ़ोतरी की बात कहकर त्रिवेंद्र सरकार के दौरान खनन राजस्व प्राप्ति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
दरअसल, त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार अवैध खनन को लेकर काफी हमलावर दिखाई दिए हैं. उनका यह रुख लोकसभा के भीतर भी देखा गया है. त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य के मैदानी जिलों में जमकर अवैध खनन हो रहा है और इस पर सरकार और सरकारी एजेंसियां कुछ नहीं कर रही है. खास बात यह है कि अपने इस बयान को लोकसभा में रखने के बाद भी उनके अवैध खनन को लेकर तेवर काफी तल्ख रहे हैं.
सीएम मामले पर रहे मौन तो खनन सचिव ने सरकार की तरफ से रखा था पक्ष: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भले ही अवैध खनन के मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ बोलते हुए नहीं दिखाई दिए गए हैं. लेकिन सरकार की तरफ से खनन सचिव बृजेश कुमार संत ने बयान जारी करते हुए राज्य में अवैध खनन नहीं होने की बात कही थी. उन्होंने भी महेंद्र भट्ट की तरह ही राजस्व प्राप्ति में कई गुना बढ़ोतरी की बात रखी थी और इस तरह त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयानों को गलत ठहराया था. हालांकि खनन सचिव बृजेश कुमार संत के इस बयान के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक ऐसा बयान दिया था. जिसने उनके इस मामले पर आक्रात्मकता को जाहिर किया था.
इस तरह अब यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. इस मामले में कांग्रेस भी जमकर चुटकी ले रही है. पूरे मामले को लेकर जहां एक तरफ कांग्रेस राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है तो वहीं त्रिवेंद्र सिंह रावत और धामी सरकार के बीच के मतभेद को भी बयां कर रही है.
रामनगर में फूंका त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला: खनन गतिविधियों को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के संसद में दिए गए बयान के खिलाफ खनन कारोबारियों में आक्रोश है. रामनगर के पिरूमदारा में दर्जनों खनन कारोबारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला फूंका. प्रदर्शनकारियों ने कहा वर्तमान में खनन का कार्य पूरी तरह से सही तरीके से चल रहा है. इससे न केवल खनन उद्योग बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है. प्रदर्शन कर रहे कारोबारियों का कहना था कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस बयान से न केवल खनन व्यापार को नुकसान होगा बल्कि सरकार का राजस्व भी प्रभावित होगा.
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