जमशेदपुर में निकाली गई महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा, हजारों की संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
जमशेदपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई. रथ यात्रा में आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.

Published : June 27, 2025 at 8:43 PM IST
जमशेदपुर: शहर में अलग-अलग इलाके से महाप्रभु जगन्नाथ की धूमधाम से रथ यात्रा निकाली गई. जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. श्रद्धालुओं ने रस्सी पकड़ कर रथ को खींचा और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लिया.
जमशेदपुर में सबसे बड़ी रथ यात्रा बिस्टुपुर के राम मंदिर से निकाली गई. तीन अलग-अलग बड़े रथ पर भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र की मूर्ति रखी गई थी.रथ यात्रा की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा को पारंपरिक रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए निकाला गया.
रथ यात्रा को लेकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किए गए थे. सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह पुलिस बलों की तैनाती की गई थी. रथ यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा महाप्रभु जगन्नाथ की पूजा की गई. फूलों की वर्षा कर रथ का जगह-जगह स्वागत भी किया गया. इस दौरान भजन-कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. वहीं मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ रथ से मौसी बाड़ी पहुंचते हैं और वहां बीमार पड़ जाते हैं. इसके बाद फिर 9 दिनों बाद वापस अपने घर लौटते हैं. जिसे घुरती रथ यात्रा के नाम से भी जाना जाता है.

वहीं रथ यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और जदयू विधायक सरयू राय भी शामिल हुए. इस मौके पर रघुवर दास ने कहा कि रथ यात्रा हमारी पुरानी परंपरा और संस्कृति है, जो हमें जोड़ने का काम करती है. उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ से राज्य की खुशहाली की कामना की. वहीं जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि ओडिशा की रथ यात्रा काफी भव्य होती है. अब देश के सभी प्रदेशों में रथ यात्रा निकाली जाती है. इससे नई पीढ़ी को संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है. शहर में कई जगहों से रथ यात्रा निकलना एक अच्छी पहल है.

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