सावन का दूसरा सोमवार, सुल्तानगंज से जल लेकर कांवरियां बाबा धाम रवाना

Published : July 21, 2025 at 10:19 AM IST
सावन के दूसरे सोमवार को बिहार के शिव मंदिरों में श्रद्धालु उमड़े हुए हैं. सुल्तानगंज से जल लेकर कांवरिया बाबा धाम कावड़ यात्रा पर निकल रहे हैं. 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार था. 21 जुलाई को दूसरा सोमवार को मंदिरों में भीड़ उमड़ रही है. सुल्तानगंज गंगा किनारे से जल भरकर श्रद्धालु बोल बम का नारा के साथ देवघर रवाना हो रहे हैं. बिहार के तमाम शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दे रही है. वैशाली के हरिहर नाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिरों में सोमवार की सुबह से ही महादेव का जलाभिषेक हो रहा है.
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खगड़िया के अगुवानी गंगा घाट पर सावन की दूसरी सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. अगुवानी गंगा घाट से जल भरकर भागलपुर जिले के मड़वा में स्थित भोलेनाथ के मंदिर जाते हैं. सैकड़ों की संख्या में लोग मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर भोलेनाथ के मंदिर जाते हैं. इसके साथ खगड़िया के ही बेलदौर चौथम परबत्ता के विभिन्न मंदिरों में जाते हैं.

सुल्तानगंज कावड़ियों की भारी भीड़
आज सावन की दूसरी सोमवारी पर सुल्तानगंज स्थित उत्तर वाहिनी गंगा घाट पर कावड़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. चारों तरफ कांवरिया ही कांवरिया नजर आ रहे हैं. शनिवार रात से ही होटल और आसपास के सभी लॉज खचाखच भरे हुए थे. आज सुबह से ही कांवरिया गंगा स्नान कर अपने जलपात्र में जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं. कुछ अपने वाहनों पर सवार होकर बैद्यनाथ का दर्शन करने जा रहे हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सीसीटीवी के साथ-साथ कांवड़ियों के भेष में पुलिस बल को लगाया गया है. स्टेशन परिसर पर भी सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है.

शिवहर के बिट्टू की 70 किलोमीटर दंडवत यात्रा
शिवहर के बिट्टू ठाकुर 70 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा कर रहे हैं. शिवहर डुमरी कटसरी प्रखंड के उमेद छपरा गांव के 21 वर्षीय बिट्टू ठाकुर 19 जुलाई से देकुली धाम तक की लगभग 70 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा का संकल्प लिया है. यह तीन दिवसीय कठिन यात्रा है, जिसमें प्रतिदिन औसतन 18 घंटे भूमि पर लोटते हुए, शरीर को मिट्टी में मिलाते हुए यह युवा और उसके सहयोगी साथी आगे बढ़ते हैं. उमेद छपरा से शुरू होकर यह यात्रा भटहां, भोरहा, और आसपास के कई गांवों से होते हुए सोमवार को बाबा भुवनेश्वर धाम, देकुली स्थान पर समाप्त होगी.

गया में महाकालेश्वर का जलाभिषेक, श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में इस शिवलिंग को स्थापित किया था
सावन के दूसरे सोमवार को गया में महाकालेश्वर का जलाभिषेक किया गया. काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. यह भगवान भोलेनाथ का चमत्कारिक शिवलिंग है. इस शिवलिंग को मुगल शासक भी नुकसान पहुंचाने में असफल रहे थे. यह शिवलिंग गया जी के अक्षयवट में स्थापित है. इस अद्भुत चमत्कारिक शिवलिंग का जिक्र वायु पुराण में भी है. इस शिवलिंग को द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं स्थापित किया था. उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर शिवलिंग की तरह बिहार के महाकालेश्वर शिवलिंग के रूप में यह स्थापित है. यहां शिवलिंग की बनावट में स्वयं महाकालेश्वर बने हुए हैं. कहा जाता है कि ऐसा शिवलिंग देश में इक्के-दुक्के स्थान पर ही हो सकता है. भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में इस शिवलिंग को स्थापित किया था.
मसौढ़ी के रामनाथेश्वर मंदिर जलाभिषेक, नंदी महाराज के कान में कही मनोकामना
राजधानी पटना समेत ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही शिवालयों में भक्तों के भीड उमडी हुई है. मसौढ़ी के श्री रामनाथेश्वर मंदिर में भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं. नंदी महाराज के कान में अपनी बातों को कहने के लिए ताता लगा हुआ है. सावन के महीने में हर महिला भगवान शिव तक अर्जी पहुंचने के लिए नंदी के कान में कह रही हैं. यहां पर नंदी महाराज आकर्षण का केंद्र बने हुए रहते हैं. रामनाथेश्वर मंदिर में पूजा करने आई आरती, चंपा किरण, प्रियंका कुमारी, पुनम कुमारी आदि लोगों ने कहा कि भगवान शिव से कोई भी मुराद मंगनी हो तो पहले नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कहनी होती है.


