बिहार को मिला पहला लक्ष्मण झूला, सीएम नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुनपुन नदी पर बने बिहार के पहले केबल सस्पेंशन ब्रिज का उद्घाटन किया. इससे पर्यटन और यातायात को बढ़ावा मिलेगा.

Published : September 5, 2025 at 1:46 PM IST
पटना: बिहार को चुनावी साल में एक नई सौगात मिली है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पटना जिले के पुनपुन नदी पर ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर बनाए गए केबल सस्पेंशन ब्रिज का विधिवत उद्घाटन किया. यह ब्रिज न केवल स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी एक नई दिशा देने वाला है.
सीएम नीतीश ने किया उद्घाटन: यह ब्रिज मुख्यमंत्री के पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत बनाया गया है. इसकी कुल लंबाई 320 मीटर और चौड़ाई 11.50 मीटर है, जबकि दोनों तरफ के पहुंच पथ की लंबाई 115 मीटर तय की गई है. पुल के निर्माण में कुल 82 करोड़ 90 लाख 48 हजार रुपये की लागत आई है.
"यह पुल पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और इससे स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा." -नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री
पितृपक्ष मेले में श्रद्धालु उठाएंगे लाभ: पुनपुन नदी के किनारे स्थित अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष घाट पर बने इस पुल को खास तौर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयार किया गया है. इस साल 6 से 21 सितंबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु पहली बार इस पुल के जरिए घाट तक पहुंच सकेंगे.

दोपहिया वाहन ही दौड़ेगा सस्पेंशन ब्रिज पर: यह राज्य का पहला लाइट व्हीकल केबल सस्पेंशन ब्रिज है, जिसमें 18 केबल और 100 फीट ऊंचा पायलन बनाया गया है. इस पुल पर हल्के वाहन और दोपहिया वाहनों का आवागमन संभव होगा, हालांकि ओवरलोडेड वाहन और ट्रैक्टरों को अनुमति नहीं दी गई है.
छह साल में पुल बनकर तैयार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि इस पुल के निर्माण की घोषणा 26 जनवरी 2019 को की गई थी और लक्ष्य था कि पितृपक्ष मेले से पहले इसका उद्घाटन हो जाए. अब यह सपना साकार हो गया है और यह पुल न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि पर्यटकीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगा.

"1159 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया. लक्षमण झूला का उद्घाटन से पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा. यह बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी वैश्विक पटल पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है." -श्याम रजक, पूर्व मंत्री
ये लोग थे मौजूद: सस्पेंशन ब्रिज के उद्घाटन के मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री श्याम रजक, विधान पार्षद रविंद्र सिंह समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे.
"बहुत खुशी की बात अब हमलोग लक्षमण झुला का लुफ्त उठायेगे. बहुत शुकजार हूं कि आज हमारे मुख्यमंत्री ने लक्षमण झुला का उद्घाटन कर बिहार के लोगों को बड़ी सौगाद दिए हैं." -कांति देवी

ऋषिकेश में गंगा नदी पर बना है लक्ष्मण झूला: उत्तराखंड के ऋषिकेश का लक्ष्मण झूला पवित्र गंगा नदी पर बना एक प्रसिद्ध सस्पेंशन ब्रिज है, जो टिहरी गढ़वाल के तपोवन और पौड़ी गढ़वाल के जोंक गांवों को जोड़ता है. यह पुल 450 फीट लंबा है और इसे भगवान राम के भाई लक्ष्मण के सम्मान में बनाया गया है. इस लिए इसका नाम लक्ष्मण झूला रखा गया है. माना जाता है कि भगवान लक्ष्मण यहीं से जूट की रस्सियों से गंगा पार की थी. अब पटना के पुनपुन नदी पर 320 मीटर लंबा और 11.50 मीटर चौड़ा लक्ष्मण झूला बनाया गया है.
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