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अधूरे पुल और रोड ने 7 साल से रोका गांव का विकास, 3 दिन तक जाम में फंसे रहते हैं ट्रक

कोरबा जिले के कटघोरा से दीपका रोड पर पड़ने वाले ग्राम पंचायत जावली का मामला है.

Korba Incomplete Bridge
कोरबा पुल (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : October 11, 2025 at 1:19 PM IST

7 Min Read
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कोरबा: कटघोरा से कोयलांचल क्षेत्र दीपका को जोड़ने वाले ग्राम पंचायत जावली में एक अधूरे पुल ने पूरे पंचायत की रफ्तार और विकास को 7 साल से रोक रखा है. इस पुल की नींव लगभग 7 साल पहले 2018 में राखी गई थी. लेकिन अब तक इस पुल का निर्माण पूरा नहीं किया जा सका है. पुल के दोनों तरफ के एप्रोच रोड अधूरे हैं. जिसके कारण पुल ग्रामीणों के काम नहीं आ पा रहा है.

दीपका कोयला खदान से निकला कोयला लेकर निकलने वाले सभी ट्रकों को इसी गांव से होकर अपने-अपने मंजिल तक पहुंचाना पड़ता है. लेकिन अधूरे पुल के कारण बड़े बड़े ट्रक और ट्रैक्टर को सालों पहले बने एक छोटे से पुल से गुजरना पड़ता है. पुल भी काफी जर्जर हो चुका है. बरसात के दिनों में ये पुल पूरी तरह जलमग्न हो जाता है. इसके दोनों तरफ की सड़क भी पूरी तरह से जर्जर है. यह लगभग दलदल में तब्दील है. जिसके कारण न सिर्फ ग्रामीण बल्कि खदान से कोयला लेकर ट्रांसपोर्टिंग करने वाले भारी वाहनों के चालक भी परेशान रहते हैं. वह दो से तीन दिन तक जाम में फंसे रहते हैं. इस दौरान रात में उनकी गाड़ियों से डीजल और बैटरी की चोरी की शिकायतें भी अब मिलने लगी हैं.

कोरबा में अधूरे पुल से लोग परेशान (ETV Bharat Chhattisgarh)

रोड की स्थिति इतनी खराब कि चलना मुश्किल : ग्राम पंचायत जावली के निवासी सचिन कुमार कहते हैं कि कटघोरा से जावली आने पर पुल को पार करना ही पड़ेगा यह बहुत महत्वपूर्ण मार्ग है. जो न सिर्फ जवाली बल्कि आसपास के गांव को भी कटघोरा से जोड़ता है. काफी सालों से पुल का काम लटका हुआ है. लगातार आंदोलन और चक्का जाम भी हुआ. लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा.

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ग्राम पंचायत जावली (ETV Bharat Chhattisgarh)

गांव वाले कई बार कर चुके हैं आंदोलन: ग्राम पंचायत जवाली के सरपंच दिलेश कुमार कंवर का कहना है कि इस पुल से ग्रामवासी इतने परेशान हो चुके हैं कि अब सभी काफी आक्रोशित हैं. कुछ दिन पहले हमने यहां चक्का जाम कर दिया था. टीआई, तहसीलदार और एसडीएम सभी यहां मौके पर आए लेकिन समस्या दूर नहीं हुई. सैकड़ों ट्रैकों की इतनी लंबी लाइन लग जाती है कि ग्रामवासी परेशान हो जाते हैं.

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बारश के दिनों में सड़क की हालत (ETV Bharat Chhattisgarh)

3 करोड़ 66 लाख का पुल, ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड : ग्राम पंचायत जावली में बने इस अधूरे पुल की कुल लागत 3 करोड़ 66 लख रुपए है. इसका निर्माण 2018 में शुरू हुआ था. जिसकी निर्माण एजेंसी सेतु निगम है. कार्यों में लापरवाही और लेट लतीफी के कारण ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया. लगभग एक से डेढ़ साल तक काम पूरी तरह से बंद रहा. जिसके कारण पुल के निर्माण में खासी देरी हुई, फंड नहीं मिलने की वजह से भी काम लटका रहा. अब स्थिति यह है कि कटघोरा की ओर 130 मीटर तो जवाली की ओर 140 मीटर के एप्रोच रोड का निर्माण प्रस्तावित है. जिसके लिए सेतु निगम ने नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की है. टेंडर की प्रक्रिया को पूरा होने और काम शुरू होने में अब भी काफी समय लग जाएगा. अधिकारियों की माने तो एप्रोच रोड का काम पूरा होने में अब भी 4 महीने का समय लग सकता है.

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7 साल से अधूरा है पुल (ETV Bharat Chhattisgarh)

एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से बनाया जा रहा पुल : कोरबा जिले में कई क्षेत्र सार्वजनिक उपक्रमों के अधीन हैं. जिस सड़क का प्रयोग सार्वजनिक उपक्रम के वाहन करते हैं, उसके रखरखाव का जिम्मा भी उन्हीं का ही होता है. इस पुल का निर्माण भी एसइसीएल के कोयला ट्रांसपोर्टिंग को ध्यान में रखकर किया जा रहा है. जो ग्रामीणों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. पुल के लिए एसईसीएल ने सेतु निगम को फंड उपलब्ध कराया था. प्राप्त जानकारी के अनुसार काफी दिनों तक फंड जारी करने में भी एसईसीएल की ओर से देरी हुई. जिसके कारण काम रोकना पड़ा. समय पर फंड का नहीं जारी होना भी पुल के अधूरे होने का एक बड़ा कारण है.

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कई दिनों तक जाम में फंसे रहते हैं ट्रक चालक (ETV Bharat Chhattisgarh)

ट्रकों से डीजल और बैटरी की घटनाएं शुरू, लोगों की जान भी गई : दीपका खदान से कोयला लदान करने वाले ड्राइवर ने बताया.

वाहन चालक वीनू श्रीवास, कहते हैं पूरा रोड खराब है. इस वजह से दो से तीन दिन तक जाम लग जाता है. हम भूखे मरते हैं. लगातार तीन से 4 साल से यही स्थिति है. बीच में गांव वालों ने हड़ताल की थी जिसके बाद थोड़ा रिपेयर किया गया.

वाहन चालक लक्ष्मी नारायण कहते हैं कि इस रोड में जान का खतरा है. कई बार रोड के लिए हड़ताल हो चुकी है. बारिश के दिनों में यहां बहुत हादसे होते हैं. कई बड़ी गाड़ियां इस सड़क पर पलट चुकी है. जिससे एक पुलिस ड्राइवर की जान जा चुकी है.

दीपक खदान से कोयला लेकर हम अलग-अलग दिशा में सफर करते हैं. वापसी और आसपास के इलाकों में इसी मार्ग से जाना पड़ता है. दूसरा कोई रास्ता नहीं है. जिसके कारण इस पुल को पार करना ही पड़ता है. अभी तो रोड है ही नहीं, पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो गई है. हम खुद ही उसकी मरम्मत करते हैं, सड़क से बोल्डर हटाते हैं. नीचे एक छोटा पुल है उसी से ही हम इस नाले को पार करते हैं. बड़े पुल के दोनों तरफ रोड नहीं है. रोड की स्थिति इतनी खराब है कि हम दो से तीन दिन तक जाम में फंसे रहते हैं. भूखे प्यासे रहना पड़ता है. रात में हमारे वाहन से डीजल और बैटरी की चोरी भी चोरी हो रही है. बरसात में परेशानी और बढ़ जाती है. यह रास्ता बेहद खतरनाक भी है लोग यहां से जान हथेली पर लेकर गुजरते हैं, कई हादसे हो चुके हैं. लोगों की जान भी जा चुकी है. हाल ही में इसी जगह पर दीपका थाने के एक सिपाही की मौत भी हो गई थी. लेकिन तब भी स्थिति नहीं सुधरी. स्थिति जस की तस बनी हुई है.

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अधूरे पुल और रोड से परेशान ट्रक चालक (ETV Bharat Chhattisgarh)

रिटेंडर किया जल्द शुरू करेंगे काम : सेतु निगम के एसडीओ एमएम ओहदार ने बताया "जवाली के पुल का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था. फंड नहीं मिलने की वजह से बीच में एक डेढ़ साल तक काम भी रुका रहा. लापरवाही पर ठेकेदार को भी ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया था. फिलहाल दोनों और एप्रोच रोड का निर्माण ही शेष बचा है, जिसके लिए रिटेंडर कर दिया गया है. टेंडर 1 महीने के भीतर काम करने वाले ठेकेदार को तय कर लिया जाएगा. उम्मीद है कि आने वाले 4 महीने के भीतर दोनों तरफ के एप्रोच का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा. "

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