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सोनीपत में खाप महापंचायत, लिव इन रिलेशनशिप-समलैंगिक विवाह-समगोत्र में शादी के खिलाफ भरी गई हुंकार

सोनीपत में समाज में फैल रही कुरीतियों के खिलाफ खाप पंचायतों ने सामूहिक रूप से महापंचायत का आयोजन किया.

Khap MahaPanchayat in Sonipat
सोनीपत में खाप महापंचायत (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : September 28, 2025 at 9:05 PM IST

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सोनीपतः समाज में फैली कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सोनीपत के गन्नौर में सर्व खाप महापंचायत का आयोजन किया गया. आयोजन में देशभर बड़ी संख्या में खापों ने भाग लिया. महापंचायत में नशा, लिव इन रिलेशनशिप , समगोत्र विवाह, मां बाप की सहमति के बिना शादी और समलैंगिक विवाह जैसी बुराइयों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए रणनीति बनाई गई. महापंचायत में फैसला लिया गया कि सभी खाप सबसे पहले अपने स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू करेंगे.

पीएम और सीएम से मिल कानून में संशोधन की मांगः बैठक में लिए गए निर्णय पर सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीति, प्रशासनिक और न्यायिक सहमति के लिए सभी पक्षों के साथ संवाद करने का निर्णय लिया गया. इन मुद्दों पर सरकार द्वारा बनाए गए कानून में संशोधन के लिए खाप प्रतिनिधि प्रदेश के मुख्यमंत्री, देश के प्रधानमंत्री से मिलकर कानून में संशोधन की मांग रखेंगे.

सोनीपत में खाप महापंचायत (Etv Bharat)

विधानसभा में उठ चुका है मामलाः बता दें कि हरियाणा विधानसभा में विधायक राजकुमार गौतम द्वारा माता-पिता की सहमति के बिना बच्चों की शादी ना होने की मांग का असर अब हरियाणा में दिख रहा है. सोनीपत के गन्नौर में सर्व खाप महापंचायत में समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए सभी ने अपने विचार रखे और सुझाव दिए. महापंचायत में लिव इन रिलेशनशिप, समगोत्र विवाह, गांव में पास के गांव में शादी करने, मां बाप की सहमति के बिना और समलैंगिक विवाह जैसी बुराइयों को समाप्त करने को लेकर लंबी चर्चा चली. इसके बाद महापंचायत द्वारा फैसला लिया गया कि अब सभी खाप इन कुरीतियों को दूर करने के लिए जिम्मेदारी लेगी. साथ ही अपने स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू करेगी. ताकि इन्हें दूर किया जा सके.

Khap MahaPanchayat in Sonipat
सोनीपत में खाप महापंचायत का हुआ आयोजन (Etv Bharat)

खापों का प्रभाव हुआ है कमः दहिया खाप के प्रतिनिधि सुरेंद्र दहिया ने कहा कि "खापों का अपना प्रभाव कम हो गया है जिसके कारण ये सामाजिक बुराईयां ज्यादा बढ़ गई हैं. खाप प्रतिनिधि अपने स्तर पर अब काम शुरू करेंगे और अपने प्रभाव को एक बार फिर साबित करेंगे. सरकार द्वारा बनाए गए कानून में संशोधन के लिए खाप प्रतिनिधि प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री से मिलकर कानून में संशोधन की मांग रखेंगे."

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