विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग की नियमावली मंजूरी का झामुमो ने किया स्वागत, पीएम मोदी और भाजपा से माफी मांगने को कहा
सुप्रियो भट्टाचार्या ने प्रेस वार्ता कर पीएम मोदी की मां पर अभद्र टिप्पणी मामले में बीजेपी पर तंज कसा और माफी मांगने को कहा.


Published : September 3, 2025 at 8:23 PM IST
रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग की नियमावली को मंजूरी देने के हेमंत सोरेन कैबिनेट के फैसले का स्वागत किया. झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी तीन अकादमियों के निर्माण, मोरहाबादी स्थित शिबू सोरेन के सरकारी आवास को उनकी पत्नी रूपी सोरेन के नाम पर आवंटित करने और दिशोम गुरु से जुड़ी यादों को संजोने और संजोने के लिए एक संग्रहालय बनाने के कैबिनेट के फैसले का स्वागत किया है.
प्रधानमंत्री द्वारा अपनी मां के लिए अपशब्दों का जिक्र और भाजपा नेताओं द्वारा इसके लिए माफी मांगने की मांग पर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जब राहुल गांधी ने कोई अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया, तो वे माफी क्यों मांगेंगे. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि दरभंगा में हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि इस घटना की शुरुआत कहां से हुई. जब प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी के नेताओं ने महिलाओं, खासकर कांग्रेस नेतृत्व के बारे में तरह-तरह की बातें कहीं, तो भाजपा नेताओं को भी इसका जवाब देना चाहिए.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जर्सी गाय, बारबाला, 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड, ये सब बातें प्रधानमंत्री के मुंह से निकली हैं. कपड़ों से लोगों की पहचान करने वाले, पंचर लगाने वाले, भैंस उठाने वाले, ये सब प्रधानमंत्री के शब्द हैं, क्या ये बहुत दुखद नहीं है? सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के बाद मंच से पीएम मोदी की मां को गाली देने वाले को पुलिस ने पकड़ लिया और उसका राजनीतिक संबंध भी साबित हो गया है.. तो इसमें राहुल गांधी की क्या गलती है? कांग्रेस कार्यालय में भाजपा की घटिया हरकत करना कहां तक सही है? बबूल का बीज बोओगे तो आम कहां से पाओगे?
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हम सब किसी न किसी के बच्चे हैं, हम सबकी मां होती हैं, मां की कोई विशेष श्रेणी नहीं होती, चाहे वो पीएम की मां हो या किसी आम आदमी की. भारतीय जनता पार्टी को सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य के आदिवासियों और मूलवासियों का विस्थापन और पुनर्वास झामुमो के लिए शुरू से ही एक बड़ा मुद्दा रहा है. विस्थापन के विरोध और पुनर्वास के लिए 2001 में कोयलाकारो परियोजना आई थी, जहां विस्थापितों के आंदोलन हुए थे, हम उस आंदोलन का हिस्सा रहे हैं और उसके बाद बाबूलाल मरांडी की सरकार में वहां गोलियां चलीं. कई लोग शहीद हुए और फिर गुरुजी ने संसद में यह मुद्दा उठाया, तब यह परियोजना रोक दी गई. क्योंकि विकास विनाश की स्थिति में नहीं होना चाहिए.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि इसी तरह नेतरहाट फायरिंग रेंज के लिए आंदोलन हुआ था, हज़ारों लोग विस्थापित हो रहे थे, हम लोगों ने ज़ोरदार आंदोलन किया और गुरुजी की सरकार बनने पर उस फील्ड फायरिंग रेंज को भी रद्द कर दिया गया. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हमारे 13वें केंद्रीय महाधिवेशन में हमने राजनीतिक प्रस्ताव में विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की मांग की थी. हेमंत सोरेन की प्रगतिशील सरकार ने जनता की आकांक्षाओं को पूरा किया है और यह राज्य की जनता के लिए करम पर्व का उपहार है.
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