नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा, कोर्ट ने की ये टिप्पणी
जयपुर पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

Published : March 7, 2025 at 8:53 PM IST
जयपुरः जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने नाबालिग पुत्री के साथ कई बार दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त कलयुगी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर चार लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. पीठासीन अधिकारी केसी अटवासिया ने अपने आदेश में कहा कि पिता अपनी संतान का रक्षक होता है, लेकिन इस मामले में प्राकृतिक पिता ही अपनी अवयस्क बेटी का भक्षक बन बैठा. अभियुक्त ने नीचता की पराकाष्ठा का कृत्य कर पिता-पुत्री के रिश्ते को ही तार-तार कर दिया. पिता की भक्षक बन जाएगा तो नाबालिग अन्य आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से अपनी सुरक्षा कैसे करेगी?.
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक ने बताया कि 21 सितंबर, 2022 को 14 साल की पीड़िता की मां ने रेनवाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट में कहा गया कि उसका अभियुक्त के साथ साल 2005 में विवाह हुआ और साल 2008 में उसने पुत्री को जन्म दिया. पीड़िता 13 साल की हुई तो अभियुक्त उसकी बेटी को गलत नजरों से देखने लगा. अभियुक्त आए दिन उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा. वहीं, कई बार जब वह और पीड़िता सुबह सोकर उठते तो उनका सिर भारी रहता.
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बाद में पता चला कि अभियुक्त उन्हें नशीला पेय पिलाता और उसकी बेटी से संबंध बनाता. इस दौरान उसकी बेटी के पेट दर्द हुआ और चिकित्सकों ने उसे गर्भवती बताया. इसे लेकर उसका अभियुक्त से झगड़ा हुआ, जब पीड़िता ने बीच बचाव किया तो अभियुक्त ने उसे धक्का मारा और वह पेट के बल गिर गई. इस पर उसने पीड़िता के नाना को घटना की जानकारी दी और बाद में चिकित्सक ने पीड़िता को बचाने के लिए उसकी डीएनसी की. रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया.

