सोहित के तीर चलाते ही झोली में गिरा गोल्ड मेडल, हर महीने मिलेंगे 20 हजार
जबलपुर में सब्जी बेचने वाले के बेटे का कमाल. सोहित कुमार ने तीरंदाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता गोल्ड. मुंबई की संस्था ने किया एमओयू.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : April 15, 2025 at 12:42 PM IST
|Updated : April 15, 2025 at 4:03 PM IST
जबलपुर (विश्वजीत सिंह राजपूत) : महज 11 साल के जबलपुर के एक तीरंदाज ने अपना हुनर दिखाया है. सब्जी बेचने वाले के बेटे सोहित कुमार ने तीरंदाजी की मिनी नेशनल चैंपियनशिप में 720 में से 710 अंक प्राप्त किए हैं. बेहद गरीब स्थिति के परिवार से ताल्लुक रखने वाले सोहित कुमार की उपलब्धि बहुत बड़ी है. सोहित के पिता विकलांग हैं और जबलपुर में सब्जी की दुकान लगाते हैं लेकिन अब सोहित की किस्मत चमक गई है. द फाउंडेशन प्रमोशन स्पोर्ट एंड गेम ने सोहित को अच्छी खासी रकम के साथ ट्रेनिंग देने की तैयारी कर ली है.
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड पर लगाया निशाना
गुंटूर में बीते दिनों हुई तीरंदाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान अंडर 15 चैंपियनशिप में 11 साल के सोहित कुमार ने ऐसे तीर चलाए कि 720 अंकों में से 710 अंक मिले. इस स्कोर की वजह से न सिर्फ उन्हें स्वर्ण पदक मिला बल्कि इतनी कम उम्र में इतनी सटीक निशानेबाजी के लिए सोहित कुमार के नाम एक रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ. इस शानदार प्रदर्शन की वजह से सोहित चर्चा में आ गया और तब पता लगा कि वे जबलपुर के रहने वाले हैं. उनकी उम्र मात्र 11 साल है और वह 7वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं.

पिता लगाते हैं सब्जी की दुकान
सोहित कुमार ने तीरंदाजी का यह हुनर परिवार की बेहद विपरीत परिस्थिति में सीखा है. जबलपुर में टेमरभीटा नाम का एक छोटा सा कस्बा है, यहीं पर सोहित कुमार के पिता एक सब्जी की दुकान लगाते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं लेकिन एक सड़क दुर्घटना में वे विकलांग हो गए थे और उनका एक पैर खराब हो गया था. इसके बाद फौज में काम करने वाले एक अधिकारी उन्हें जबलपुर ले आए और जबलपुर में यह परिवार एक पुराने घर में रहता है. परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है.
सोहित के पिता का कहना है कि "हमारे घर में कोई भी खिलाड़ी नहीं है लेकिन इस बच्चे में अपने आप प्रतिभा विकसित हुई और यह एक खिलाड़ी बन गया."

मुंबई की संस्था ने सोहित के साथ किया एमओयू साइन
सोहित कुमार का हुनर देखते हुए मुंबई की द फाउंडेशन प्रमोशन स्पोर्ट एंड गेम नाम की एक संस्था ने एमओयू साइन किया है. इसमें सोहित के परिवार को लगभग ₹600000 दिया जाएगा. इसके साथ ही सोहित की ट्रेनिंग के लिए हर माह ₹20000 खर्च किया जाएगा. संस्था सोहित को खेल के लिए जरूरी सामान मुहैया करवाएगी और उसका खेल और बेहतर हो सके इसके लिए ट्रेनिंग भी देगी.

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जबलपुर की आर्चरी अकादमी में ट्रेनिंग ले रहा सोहित
मध्य प्रदेश आर्चरी अकादमी के कोच रिचपाल सिंह ने बताया कि "फिलहाल सोहित की उम्र मात्र 11 साल है. हालांकि आर्चरी अकादमी में ओपन टैलेंट सर्च के जरिए 12 साल के बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन सोहित ने कम उम्र में ही अपना हुनर दिखा दिया. वह बीते 6 माह से अकादमी में ट्रेनिंग ले रहा है. सोहित कुमार ने मिनी नेशनल में 40 मीटर की चैंपियनशिप में 720 में से 710 अंक प्राप्त किए हैं."


