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इजरायली पर्यटकों का धार्मिक स्थल बेद खबाद 17 सितंबर को खुलेगा

देश के संवेदनशील धार्मिक स्थलों में शुमार है 'बेद खबाद'. इजरायली पर्यटकों के इस खास स्थल को लेकर जानिए ताजा अपडेट...

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इजरायली पर्यटकों का धार्मिक स्थल (ETV Bharat Ajmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : September 10, 2025 at 7:48 PM IST

3 Min Read
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अजमेर: संवेदनशील धार्मिक स्थलों में शुमार पुष्कर में इजरायली पर्यटकों का धार्मिक स्थल बेदखबाद 17 सितंबर से खुलने जा रहा है. इसके साथ ही पुष्कर में इजरायली पर्यटकों की आवाजाही भी शुरू हो जाएगी. बता दें कि वर्ष में 8 माह ही बेद खबाद खुलता है और 4 माह बंद रहता है. जानिए पुष्कर का बेद खबाद क्यों है संवेदनशील जगहों में शामिल.

इजरायल और फिलिस्तीन युद्ध थम नहीं रहा है. दोनों मुल्कों में अशांति है. इजरायल के साथ भारत के हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं. यही वजह है कि भारत में आने वाले विदेशी सैलानियों में सबसे अधिक संख्या इजरायल से आने वाले सैलानियों की होती है. खासकर पुष्कर इजरायली सैलानियों की पसंदीदा जगह है.

वर्षों से पुष्कर आ रहे इजरायली सैलानियों का यहां व्यापारिक संबंध ही नहीं, बल्कि रिश्तेदारियां भी हो गई हैं. इजरायलियों ने पुष्कर में अपना धार्मिक स्थल भी स्थापित कर लिया, जिसको बेद खबाद के नाम से जाना जाता है. बेद खबाद वर्ष में 8 माह खुलता है. भीषण गर्मी शुरू होते ही बेद खबाद बंद कर इजरायली धर्मगुरु अपने परिवार सहित वापस अपने मुल्क लौट जाते हैं.

पढ़ें : पुष्कर में इजरायली धार्मिक स्थल 'बेद खबाद' चार माह के लिए बंद, धर्मगुरु परिवार संग लौटे वतन

17 सितंबर को परिवार संग आएंगे धर्मगुरु: बेद खबाद के मैनेजर हनुमान बाकोलिया ने बताया कि इस बार बेद खबाद 17 सितंबर को खुलने जा रहा है. धर्मगुरु शिमशोन गोल्डस्टीन और उनकी पत्नी जलदा गोल्डस्टिन अपने बच्चों के साथ 17 सितंबर को पुष्कर बेद खबाद पहुंचेंगे. इसके साथ ही इजरायली पर्यटकों का पुष्कर आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा.

बाकोलिया ने बताया कि बेद खबाद में धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे. इनमें सामूहिक रूप से इजरायली पर्यटक भी शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि पुष्कर में आने वाले पर्यटक अपने त्योहार भी सामूहिक रूप से मनाते हैं. वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते. मैनेजर हनुमान बाकोलिया ने बताया कि विगत 22 अप्रैल 2025 को बेद खबाद चार माह के लिए बंद किया गया था.

इसलिए संवेदनशील धार्मिक स्थलों में शुमार है बेद खबाद : पुष्कर में इजरायली पर्यटकों का धार्मिक स्थल बेद खबाद संवेदनशील जगहों में से एक है. यही वजह है कि 24 घंटे बेद खबाद की सुरक्षा रहती है.

दरअसल, 2009 में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा का आतंकी डेविड कोलमैन हेडली बेद खबाद की बिल्कुल सामने होटल में 2 दिन ठहरा था. यहां उसने बेद खबाद की रेकी भी की थी. आतंकी हेडली मुंबई हमले का साजिशकर्ता भी है. इस हमले से पहले आतंकी डेविड हेडली ने रेकी कर जरूरी सूचना पाकिस्तान में अपने आकाओं को पहुंचाई थी.

आतंकी हेडली अमेरिका में पकड़ा गया था. इस दौरान ही उसने पुष्कर में बेद खबाद की रेकी करने और उस पर आतंकी हमला करने की साजिश करने का पूछताछ में खुलासा किया था. 18 मार्च 2010 को उसके खिलाफ न्यायालय में दोष सिद्ध हुआ था.

फिलहाल, आतंकी हेडली अमेरिका की जेल में कैद है. हेडली के खुलासे के बाद से पुष्कर का बेद खबाद सुर्खियों में आ गया था और इसको संवेदनशील धार्मिक स्थलों में शामिल कर लिया गया था. बेद खबाद खुलने के बाद यहां आरएसी के हथियारबंद जवान 24 घंटे सुरक्षा में तैनात रहेंगे. वहीं, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर भी बेद खबाद पर रहेगी.