देश का पहला ई-व्हीकल ऑटो टेस्टिंग ट्रैक पीथमपुर में, स्वचालित वाहनों की टेस्टिंग शुरू
ऑटोमोबाइल सेक्टर में पीथमपुर उड़ान भरने वाला है. देश में बनने वाले सारे ई-व्हीकल और ऑटोमेटेड व्हीकल पहले यहीं आएंंगे टेस्टिंग के लिए.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 4, 2025 at 7:25 PM IST
इंदौर : पीथमपुर में देश के पहले ऑटो टेस्टिंग ट्रैक पर अब ई-व्हीकल की भी टेस्टिंग हो सकेगी. अगले दो साल में यहां स्वचालित वाहनों की टेस्टिंग शुरू हो जाएगी. इसकी तैयारियां जारी हैं. ऑटो टेस्टिंग ट्रैक पर उन गाड़ियों की स्पीड से लेकर परफॉर्मेंस और उसके ऑपरेशन की गुणवत्ता की टेस्टिंग सबसे पहले होती है, जो ऑटोमोबाइल कंपनियों द्वारा बाजार में लॉन्च की जानी हैं. भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा स्थापित नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक के सर्टिफिकेशन के बाद ही संबंधित व्हीकल की परफॉर्मेंस से लेकर सिक्योरिटी फीचर और क्वालिटी का सर्टिफिकेशन होता है.
पीथमपुर में देश का इकलौता टेस्टिंग ट्रैक
साल 2021 में पीथमपुर में 3000 एकड़ में विकसित देश में यह इकलौता टेस्टिंग ट्रैक है, जहां दुनियाभर की सुपर कार और देश-विदेश की गाड़ियों के नए मॉडल और स्पीड के साथ उनकी क्रैश बैरियर क्षमता की टेस्टिंग होती है. लेकिन जिस तेजी से ऑटोमोबाइल सेक्टर में ई-व्हीकल और ऑटोमेटेड व्हीकल की क्रांति हो रही है तो मैट्रिक्स को भी ई-व्हीकल टेस्टिंग के अलावा स्वचालित वाहनों की टेस्टिंग के हिसाब से विकसित किया जा रहा है.
ब्रेकिंग सिस्टम और कंट्रोलिंग टेक्निक पर काम
नेट्रेक्स के निदेशक मनीष जायसवाल बताते हैं "जिस तेजी से इलेक्ट्रिकल व्हीकल का उपयोग बढ़ा है, उसके चलते अब ट्रैक पर दो पहिया-तीन पहिया, बैटरी से चलने वाले वाहनों की टेस्टिंग हो रही है. इंदौर और देशभर के ऐसे 100 से ज्यादा स्टार्टअप हैं, जिन्होंने अपनी विकसित की गई गाड़ियों की टेस्टिंग के लिए नेट्रेक्स से संपर्क किया है. इतना ही नहीं अब नेट्रेक्स ऑटो टेस्टिंग ट्रैक पर एडास टेस्टिंग की भी शुरुआत की जाएगी, जिसमें ऑटोमेटिक चलने वाली कारों के अलावा उनके ब्रेकिंग सिस्टम और रडार आधारित कंट्रोलिंग टेक्निक का भी परीक्षण होगा."
इंदौर में 5-6 सितंबर को सस्टेनेबल मोबिलिटी कॉन्फ्रेंस
मनीष जायसवाल ने बताया "नेट्रेक्स पर बीते 2 साल में अलग-अलग गाड़ियों की टेस्टिंग की दर 3 गुना ज्यादा हो चुकी है. ऐसे में ई-व्हीकल और ऑटोमेटेड व्हीकल की टेस्टिंग शुरू होते ही देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी इलेक्ट्रिकल व्हीकल के नए युग की शुरुआत होने की संभावना है. भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में सस्टेनेबल मोबिलिटी का दौर शुरू हो सके, इसके लिए इंदौर में 5 और 6 सितंबर को सस्टेनेबल मोबिलिटी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है. यह अपनी तरह का ऐसा पहला कॉन्क्लेव है, जिसमें देश-विदेश के करीब 40 ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञ शामिल होंगे."
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वाहनों को इको फ्रेंडली बनाने पर होगी चर्चा
इस कॉन्क्लेव में देश के भविष्य आधारित वाहनों को कैसे इको फ्रेंडली बनाया जाए, इस पर रणनीति तय होगी. इसके अलावा वाहनों को प्रदूषणमुक्त बनाकर और सस्टेनेबल कैसे बनाया जाए, इस मुद्दे पर विशेषज्ञ अपना व्याख्यान देंगे. इसके अलावा विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए विकल्पों को भारत सरकार के अलावा उन मंचों पर रखा जाएगा, जहां से वाहनों के विकास और अपडेशन की रणनीति तय होती है.

