5 करोड़ के गहनों से सजे खजराना गणेश, एक झलक के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 5 किलो सोने के आभूषणों से भगवान गणेश का मनमोहन श्रृंगार किया गया. डेढ़ लाख मोदकों का लगा महाभोग.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 27, 2025 at 8:41 PM IST
|Updated : August 27, 2025 at 8:47 PM IST
इंदौर: देश भर में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस खास अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में भगवान गणपति का 5 करोड़ के गहनों से श्रृंगार किया गया है. वहीं दर्शन के लिए सुबह से भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है. सिर पर हीरे मोती से जड़ा सोने का मुकुट धारण किए हुए खजराना गणेश सुसज्जित हैं. गणपति जी का 5 किलो सोने के आभूषणों से मनमोहन श्रृंगार किया गया है. मंदिर प्रशासन के मुताबिक बुधवार को 5 लाख भक्त दर्शन कर सकते हैं. आस्था के जनसैलाब को देखते हुए मंदिर में चलित दर्शन की व्यवस्था की गई है.
5 करोड़ की ज्वेलरी से सजे खजराना गणेश
देशभर में गणेश उत्सव की धूम है. इंदौर में इस पर्व का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि यहां पर प्राचीन खजराना गणेश मंदिर स्थित है. यह देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. यहां गणेश चतुर्थी के अवसर पर विधि विधान से ध्वज पूजन के साथ ही 10 दिवसीय गणेश महोत्सव के शुभारंभ की परंपरा है. इसे मंदिर प्रबंध समिति के प्रमुख कलेक्टर द्वारा निभाया जाता है. लिहाजा कलेक्टर सह अध्यक्ष आशीष सिंह ने बुधवार को सपरिवार खजराना गणेश मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजन कर गणेश चतुर्थी महोत्सव का शुभारंभ किया.
जाने माने भजन गायक देंगे प्रस्तुति
इस दौरान मंदिर का ध्वज भी भगवान को नया अर्पित किया जाता है. वहीं इस वर्ष भगवान को डेढ़ लाख मोदक के भोग लगाए गए. साथ ही पूजन के दौरान भगवान गणेश को 5 किलो सोने के आभूषण पहनाए गए हैं. मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट बताते हैं कि "10 दिन के गणेश महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विशेष साज-सज्जा, पूजन-अर्चन के साथ-साथ भजन संध्याएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी. इस साल देश भर से कई प्रसिद्ध भजन गायक और कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे."

वृंदावन के फूलों से सजाया गया गर्भगृह
अशोक भट्ट ने बताया, "खजराना गणेश के गर्भ ग्रह को वृंदावन के फूलों से सजाया गया है. वहीं मंदिर परिसर को विदेशी फूलों से सजाया गया है. मंदिर में भोर से भक्तों के आने का सिलसिला देर शाम तक जारी है. गणेश उत्सव के मौके पर आज बुधवार को 24 घंटे गर्भगृह के पट खुले रहेंगे, जिससे मंदिर के आने वाले सभी भक्तों को खजराना गणेश के दर्शन आसानी से मिल सकें."

अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित मंदिर
खजराना गणेश मंदिर को अहिल्याबाई होलकर के शासन काल में तैयार किया गया था. बताया जाता है कि मंदिर की मूर्ति स्वयंभू है. यहां के पूर्व पुजारी के स्वप्न में आकर भगवान गणेश ने खुदाई करवार मूर्ति को निकालने का आदेश दिया था. जिसके बाद पुजारी ने अहिल्याबाई होल्कर को इस स्वप्न के बारे में बताया. इसके बाद उन्होंने खुदाई कराई तो भगवान गणेश की मूर्ति निकली. अहिल्याबाई ने मंदिर का निर्माण कराया फिर विधि-विधान से पूजन कराकर गणपति की स्थापित कराया था.
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उल्टा स्वास्तिक बनाकर मांगते हैं मन्नत
पुजारी सतपाल भट्ट ने बताया, "यह मंदिर इतना सिद्ध है कि यहां मांगी गई मन्नत हमेशा पूरी होती है. यहां आने वाले श्रद्धालु उल्टा स्वास्तिक बनाकर मन्नत मांगते हैं, जब उनकी मन्नत पूरी हो जाती है. तब वे यहां आकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. यहां गणेश चतुर्थी के अलावा प्रति बुधवार को यहां विशेष पूजा होती है. हर साल गणेश उत्सव के दौरान करीब 1,00,000 श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करते हैं."

